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14 नवंबर को चंद्रमा का आकार तकरीबन 14 फीसदी बड़ा नजर आएगा

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पृथ्वी का उपग्रह चंद्रमा 14 नवंबर को सबसे करीब होगा। 3 लाख 84 हजार 400 किलोमीटर दूर रहने वाला चंद्रमा अंडाकार कक्षा में धरती की परिक्रमा करते हुए वैसे तो हर माह कुछ करीब आता है, लेकिन इस बार 68 साल बाद वह सबसे करीब आएगा। इससे पहले 26 जनवरी 1948 को चंद्रमा 3 लाख 56 हजार 509 किलोमीटर दूर होगा। यानी समान्य से 27 हजार 891 किलोमीटर और पास। खगोलविद बताते हैं कि इतने करीब रहने पर चंद्रमा का आकार तकरीबन 14 फीसदी बड़ा नजर आएगा।
पूर्णिमा पर हर महीने चंद्रमा का आकार बड़ा नजर आता है। लेकिन खगोल विज्ञान में साल में पृथ्वी के सबसे करीब रहने वाले चांद को सुपरमून कहा जाता है। खगोल विज्ञानियों के मुताबिक जब चंद्रमा 3 लाख 60 हजार किलाेमीटर से कम दूरी पर रहता है तब सुपरमून कहलाता है। 14 नवंबर को यह 3 लाख 56 हजार किमी दूरी पर ही हाेगा इसलिए इसे एक्सट्रा सुपरमून कहा जाएगा।
शाम 7.24 बजे देख सकेंगे सबसे करीब
साइंस पापुलराइजेशन एसोसिएशन आॅफ कम्यूनिकेटर्स एंड एजुकेटर्स “स्पेस’ दिल्ली के अध्यक्ष सीबी देवगन बताते हैं कि एक्सट्रा सुपरमून 14 नवंबर को भारत में शाम 5 बजकर 24 मिनट से शाम 7.24 तक सबसे करीब की स्थिति में होगा। इससे पहले भी सुपरमून हुए लेकिन वे देर रात या सुबह-सुबह होते थे। हमारे यहां एक्स्ट्रा सुपरमून इस बार आइडियल टाइम पर है। उन्हाेंने बताया कि 14 प्रतिशत बड़ा और 20 प्रतिशत ज्यादा रोशनी को देखना अपनेआप में एक अद्भुत नजारा होगा।
2052 में होगा सबसे करीब
25 नवंबर 2034 को भी एक्सट्रा सुपरमून की स्थिति बनेगी लेकिन यह 6 दिसंबर 2052 को यह 3 लाख 56 हजार 425 किमी पर रहकर सबसे करीब होगा। साइंस कम्यूनिकेटर सारिका घारु के मुताबिक सुपरमून टर्म ज्यादा पुरानी नहीं है। लेकिन चंद्रमा धरती के निकट आता रहा है। 68 साल पहले सबसे करीब था। अब सबसे निकट की स्थिति को हम एक्स्ट्रा सुपरमून कह रहे हैं। वे बताती हैं कि कई लोगों के लिए यह पहला अवसर होगा जब वे इतना बड़े आकार का चंद्रमा देख सकेंगे। सारिका एक्सट्रा सुपरमून ईवनिंग में स्टूडेंट्स के लिए भोपाल में एक खास कार्यक्रम भी आयोजित करेंगी।
निखर उठेंगी हमारी खूबसूरत इमारतें
चांदनी रात में खूबसूरत इमारताें का नजारा देखने का अपना महत्व है। बरसात के बाद आकाश साफ होने पर शरद पूर्णिमा की चांदनी में ताजमहल देखने काे लोग उत्साहित रहते हैं। एक्स्ट्रा सुपरमून होने पर कई अन्य इमारतों स्थानों का लुत्फ उठाया जा सकता है।
कहां क्या देख सकते हैं
मप्र –
भोपाल में बिड़ला मंदिर।
पंजाब – अमृतसर में स्वर्ण मंदिर।
राजस्थान – जैसलमेर में डेजर्ट सफारी।
उत्तर प्रदेश – आगरा में ताजमहल, वृंदावन में प्रेम मंदिर।
महाराष्ट्र – मुंबई में गेटवे आॅफ इंडिया।
गुजरात – कच्छ में व्हाइट साल्ट डेजर्ट, सोमनाथ मंदिर।
दिल्ली –इंडिया गेट, कुतुब मीनार।
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