बच्ची की सजगता व साहब और छोटे भाई के शोर मचाने के कारण आरोपियों को उल्टे पांव भागना पड़ा

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अरेरा कॉलोनी में रिटायर्ड आईपीएस की पोती के साहस से पकड़े गए आरोपी लूटपाट और अपहरण की नियत से घर में घुसे थे। पूजा-पाठ के बहाने आरोपियों ने बच्ची के कपड़े भी उतरवाने की कोशिश की थी, लेकिन बच्ची की सजगता व साहब और छोटे भाई के शोर मचाने के कारण आरोपियों को उल्टे पांव भागना पड़ा था।
 यह खुलासा हबीबगंज पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में किया। आरोपी इसी तरह से देशभर में वारदातों को अंजाम देते हैं। यह चड्डी बनियान पहनकर गिरोह में वारदात करने भी निकलते हैं। पकड़े गए आरोपी कालबेलिया गिरोह के सदस्य हैं। इससे पहले बहरूपिया बनकर घर में घुसने के आरोप में चूनाभट्‌टी पुलिस द्वारा भी पकड़े जा चुके हैं।
सीएसपी हबीबगंज भूपेंद्र सिंह के अनुसार ई-2 अरेरा कॉलोनी निवासी रिटायर्ड आईजी हैं। शनिवार दोपहर करीब 2 बजे डायल-100 को उनके घर पर बदमाशों के घुसने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस परिजनों के साथ आरोपियों की तलाश में जुट गई। करीब 15 मिनट की घेराबंदी के बाद पुलिस ने आरोपियों को गणेश मंदिर के पास वैन में चाय पीते पकड़ लिया। उनकी पहचान ग्राम सादलपुर निवासी 25 वर्षीय शौकीन नाथ पिता धन्नालाल नाथ और 20 वर्षीय बृजेश नाथ पिता अमर नाथ के रूप में हुई।
वारदात के दौरान रिटायर्ड अधिकारी अपनी बहू और उनकी परिचित के साथ घर के पास ही स्थित एक अस्पताल में इलाज कराने गए थे। घर पर उनकी 11 साल की पोती और 6 साल का पोता अकेला था। बच्ची का फोन आते ही बहू 5 मिनट में घर पहुंच गई थीं। घटना के बाद पकड़े गए आरोपी को किशोर ने चप्पल से पीटकर अपना गुस्सा निकाला।
पांच साल पहले ही छूटा था जेल से :
पुलिस के हत्थे चढ़ा ग्राम सादलपुर, धार निवासी शौकीन नाथ 5 साल पहले ही जेल से छूटा था। वही घर में महिला का वेश बनाकर घुसा था, जबकि उसका साथी 20 वर्षीय बृजेश नाथ घर के बाहर वैन में था। शौकीन ने हाथ में हिंदी में संतोष और इंग्लिश में शौकीन गुदवा रखा है। गले में स्टार के टैटू हैं, जबकि बृजेश ने अपने दोनों हाथों में टैटू गुदवा रखे हैं।
 कालबेलिया गिरोह की भोपाल में दस्तक
पकड़े गए आरोपी कालबेलिया गिरोह के सदस्य हैं। धार जिले के ग्राम सादलपुर में इसी समूह के लोग रहते हैं। यह करीब 600 से 700 की संख्या में हंै, जो देशभर में लूट, चोरी, डकैती और रेप की वारदातों में लिप्त रहते हैं। यह दिन में बहरूपिया बनकर लूट और चोरी की वारदातें करते हैं, जबकि रात को यह 5-6 के गिरोह में निकल कर चड्डी बनियान पहनकर डकैती, लूट और चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं। यह हत्या करने में क्रूर माने जाते हैं। 50 रुपए तक के लिए हत्या की वारदात को अंजाम दे देते हैं। अपने ही वाहन से चलते हैं। अधिकांश वैन से ही चलते हैं। इनके हथियार केवल पत्थर और डंडे या घर में मौजूद रॉड आदि ही होते हैं। वारदात के बाद पुलिस अधिकारियों ने भी कालबेलिया गिरोह के भोपाल में सक्रिय होने की आशंका जताई है।
पुलिसकर्मियों का भी सम्मान : डीआईजी संतोष सिंह ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों को पकड़ने वाले 2 पुलिसकर्मियों प्रधान आरक्षक महेंद्र उईके और आरक्षक दुर्गेश बघेले को सम्मानित किया। उन्हें नगद राशि और प्रमाण पत्र दिया गया।
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