तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में आज विधानसभा चुनाव

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तमिलनाडु और केरल में विधानसभा की नई सूरत तय करने के लिए सोमवार को सुबह 7 बजे वोटिंग शुरू हो गई है। इसी के साथ दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों जयललिता और ओमन चांडी तथा उनके चिर प्रतिद्वंद्वियों एम. करुणानिधि और वीएस अच्युतानंदन के राजनीतिक भविष्य का फैसला भी ईवीएम में कैद हो जाएगा।

* दोपहर एक बजे तक केरल में रिकार्ड 43.88 प्रतिशत मतदान

* तमिलनाडु में पूर्वाह्न 11 बजे तक 25 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जबकि कई जिलों में भारी बारिश की वजह से मतदान में विघ्न पैदा हुआ।

* पुडुचेरी में सुबह साढ़े 11 बजे तक 30 प्रतिशत से अधिक मतदान
* केरल में नौ बजे तक 12.11 प्रतिशत मतदान

* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के लोगों से विधानसभा चुनावों में ‘रिकॉर्ड मतदान’ करने का आग्रह किया। मोदी ने आज सुबह ट्वीट किया, ‘तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के सभी मतदाताओं से आज रिकॉर्ड मतदान करने और लोकतंत्र के इस पर्व का हिस्सा बनने का आग्रह करता हूं।’ 

* तमिलनाडु में 232 विधानसभा सीटों के लिए हो रहे मतदान में आज सुबह नौ बजे तक 18 प्रतिशत से ज्यादा मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
* सुबह सुबह अभिनेता रजनीकांत और करुणानिधि ने मतदान किया। इसके बाद एके एंटोनी ने अपना वोट डाला।

पुडुचेरी में भी सोमवार को ही विधानसभा चुनाव होगा। तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में मतगणना 19 मई को होगी। पश्चिम बंगाल और असम समेत इन राज्यों में पिछले दो महीने से प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार गर्मी में चुनाव प्रचार में जुटे हुए थे। इन विधानसभा चुनावों को मिनी आम चुनाव माना जा रहा है।

भाजपा तमिलनाडु और केरल में पदार्पण करने में जुटी है। जबकि तमिलनाडु में अब तक सत्ता क्रम से अन्नाद्रमुक और द्रमुक के बीच तथा केरल में कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) और सीपीएम नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के बीच ही आती जाती रही है।

तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक सुप्रीमो जयललिता और करूणानिधि के अलावा चुनावी मैदान में मुख्यमंत्री पद के दो अन्य उम्मीदवार- अभिनेता से नेता बने डीएमडीके-पीडब्ल्यूएफ-टीएमसी गठजोड़ के विजयकांत और पीएमके के अंबुमणि रामदास भी हैं।

राज्य में 3740 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। कुल 234 निर्वाचन क्षेत्रों में से 232 में ही मतदान होगा, क्योंकि चुनाव आयोग ने तनजापुर और करूर के अरवाकुरिची विधानसभा क्षेत्र में मतदान मतदाताओं को रिश्वत देने से संबंधित उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों की गैर कानूनी गतिविधियों के कारण 23 मई के लिए टाल दिया है। इस सीट के मतों की गिनती 25 मई को होगी।

चुनाव अधिकारियों ने तमिलनाडु में बिना लेखा जोखा के 100 करोड़ रुपए से अधिक नकद जब्त किया जो उन पांच राज्यों में सबसे अधिक है। जहां पिछले महीने विधानसभा चुनाव हुए हैं। एक लाख से अधिक पुलिस और अद्धसैनिक कर्मी राज्य में 65,000 मतदान केंद्रों की चौकसी संभालेंगे। राज्य में बहुकोणीय मुकाबला है और उनमें बीजेपी भी है।

उधर,  केरल विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार को होने वाले मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राज्य विधानसभा की 140 सीटों के लिए 109 महिला उम्मीदवारों समेत कुल 1,203 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इन उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला कुल 2 करोड़ 61 लाख मतदाता करेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि अपराह्न तक सभी मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों और अन्य उपकरणों को पहुंचा दिया गया है।

मतदान के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। स्वतंत्र एवं निष्पक्ष ढंग से चुनाव संपन्न कराने के लिए 52 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों और अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। संवेदनशील 1200 केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराई है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राजग सरकार राज्य में कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) और वामपंथ नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) का मुकाबला करने की कोशिश कर रही है। सार्वजनिक सभाओं और घर-घर जाकर प्रचार करने के पारंपरिक तरीकों के अलावा उम्मीदवारों ने मतदाताओं तक पहुंचने के लिए नई तकनीक और सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल किया।

कई केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के राष्ट्रीय नेताओं ने प्रचार के आखिरी दिन सोमवार को अधिक से अधिक मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए प्रयास करते हुए देखा गया। पूरे राज्यभर में विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा रोड शो, सार्वजनिक बैठकें और नुक्कड़ नाटकों की मदद से मतदाताओं को रिझाने का प्रयास किया गया।

केरल में प्रत्येक चुनाव में यूडीएफ और एलडीएफ द्विदलीय शासन रहा है। इस वक्त भाजपा का भारत धर्म जनसेना के साथ गठबंधन है, जो श्री नारायण धर्म परीपालना योगम द्वारा शुरू किया गया है। इसके महासचिव वेल्लापल्ली नातेसन को राज्य में प्रभावशाली प्रदर्शन की उम्मीद है।

राज्य में पहली बार 30 विधानसभा सीटों पर त्रिकोणीय प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। यूडीएफ और एलडीएफ अल्पसंख्यकों के बीच प्रतिद्वंदिता का फायदा अपने पक्ष में करने की उम्मीद में हैं।

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