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‘अमेठी से राजनीतिक नहीं प्यार का रिश्ता है’ – राहुल गांधी

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अमेठी पहुंचकर पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। लोकसभा चुनाव में हार के बाद यह उनका पहला दौरा है। राहुल ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अब अमेठी के सांसद नहीं हैं, लेकिन जब भी अमेठी के लोगों को उनकी जरूरत होगी, वे जरूर आएंगे। अमेठी से तीन बार सांसद रहे राहुल गांधी को इस बार भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी ने 55,120 वोटों से हराया था। राहुल अभी केरल के वायनाड से सांसद हैं। पार्टी के जिला प्रवक्ता अनिल सिंह ने बताया कि राहुल ने गौरीगंज पहुंचकर पार्टी कार्यकर्ता माता प्रसाद वैश से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने निर्मला देवी एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में राहुल ने कहा, ‘‘ये समझना चाहिए, अगर मैं आपका सांसद नही हूं। मगर आपको मेरी जरूरत होगी तो मैं आपके लिए यहां हाजिर हूं। मैं केवल कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता की बात नहीं कर रहा हूं, मैं अमेठी के हर एक व्यक्ति की बात कर रहा हूं। माता, पिता, बच्चों की बात कर रहा हूं। जब भी अमेठी को रात के समय, सुबह के समय चार बजे सुबह राहुल की जरूरत होगी राहुल यहां आकर हाजिर हो जाएगा।’’

‘अमेठी से राजनीतिक नहीं प्यार का रिश्ता है’
राहुल ने कांग्रेसियों से कहा, ‘‘आपने भी कोई न कोई गलती की है। मैं वायनाड का एमपी हूं, सच्चाई है मैं केरल का एमपी हूं। मगर मैं 15 साल आपका अमेठी का भी एमपी रहा हूं और पुराना रिश्ता है, प्यार का रिश्ता है राजनीतिक रिश्ता भी नहीं है। नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री, योगी जी चीफ मिनिस्टर और भाजपा की यहां सांसद हैं। हमें विपक्ष के काम में सबसे ज्यादा मजा आता है। अब आपको अमेठी में विपक्ष का काम करना है। जो जनता की जरूरतें हैं, उसे पूरा करनी हैं।’’ ‘‘अर्थव्यवस्था और रोजगार की हालत आप जानते हो। भ्रष्टाचार कहां हो रहा है? कौन कर रहा है? आप जानते हो। मुद्दों की कोई कमी नहीं। मैं यहां पर आता रहूंगा। लेकिन मेरी वहां पर जरूरत है, क्योंकि वायनाड का मुझे विकास करना है। एमपी हूं वहां का, वहां मुझे टाइम देना पड़ेगा। मगर मैं यहां भी आपको टाइम दूंगा, ये मत सोचिए यहां नहीं आऊंगा।’’

राहुल ने अमेठी का तीन बार किया प्रतिनिधित्व
राहुल पहली बार अमेठी से 2004 में चुनाव लड़े और जीत दर्ज की थी। वे 2009 और 2014 में भी यहां से सांसद चुने गए। अमेठी कांग्रेस की परंपरागत सीट कही जाती रही है। लेकिन इस मिथक को स्मृति ईरानी ने इस बार तोड़ दिया।  राहुल को अमेठी में मिली हार की पार्टी समीक्षा कर चुकी है। सोनिया गांधी के प्रतिनिधि किशोरी लाल शर्मा और प्रियंका गांधी का राजनीतिक कामकाज देखने वाले जुबैर खान ने तीन दिन तक अमेठी में रह कर हार की समीक्षा की थी। इसके बाद राहुल के प्रतिनिधि चंद्रकांत दुबे और कांग्रेस जिला अध्यक्ष योगेंद्र मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया था। जांच रिपोर्ट में क्या सामने आया, यह अब तक पार्टी ने सार्वजनिक नहीं किया है।

जीत के बाद तीन बार अमेठी पहुंचीं स्मृति 
स्मृति ईरानी जीत के बाद भी अमेठी का तीन बार दौरा कर चुकी हैं। पहली बार वे 26 मई को अमेठी पहुंची थीं, जब उनके करीबी नेता सुरेंद्र सिंह की हत्या हो गई थी। इस दौरान उन्होंने सुरेंद्र सिंह की अर्थी को कंधा भी दिया था। दूसरी बार वे 22 जून को दो दिन के अमेठी दौरे पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने एक बीमार महिला को अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया था। इसके बाद वे 6 जुलाई को भी अमेठी गईं।

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