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आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा कैंडिडेट सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता को राज्यसभा का टिकट देने का एलान किया

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आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा कैंडिडेट के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर रहे रघुराम राजन, अरुण शौरी समेत 18 बाहरी लोगों से कॉन्टैक्ट किया गया था। लेकिन ज्यादातर हस्तियों ने झाड़ू के बैनर तले राज्यसभा जाने से इंकार कर दिया। इसके बाद पार्टी ने 10 लोगों के नाम पर चर्चा की। बुधवार को सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता जैसे बाहरी लोगों को राज्यसभा का टिकट देने का एलान किया। कुमार विश्वास और आशुतोष ने काम सिर्फ चर्चा में ही रहे। टिकट नहीं मिलने पर विश्वास नाराज हो गए। उन्होंने भावुक अंदाज में केजरीवाल पर तंज कसा। राज्यसभा के लिए नॉमिनेशन की आखिरी तारीख 5 जनवरी है।

कभी केजरीवाल के विरोधी थे सुशील गुप्ता

– आप के राज्यसभा कैंडिडेट सुशील गुप्ता कभी अरविंद केजरीवाल के धुर विरोधी थे। सुशील ने दिल्ली की सड़कों पर केजरीवाल के खिलाफ पोस्टर लगवाए थे। लेकिन 8 दिसंबर को गुप्ता के बेटे की शादी में साफा बांधे केजरीवाल की तस्वीर सामने आने के बाद कहानी पूरी तरह से बदल गई। आज वे केजरी के सबसे करीबी बन चुके हैं।

– बता दें कि सुशील गुप्ता कांग्रेस के टिकट पर 2013 में विधानसभा चुनाव हार चुके हैं। तब हलफनामे में उन्होंने अपनी संपत्ति 164 करोड़ बताई थी। सुशील गुप्ता ने 36 दिन पहले ही कांग्रेस छोड़ी थी।

 सुशील गुप्ता कैसे केजरीवाल के करीब आए?

अजय माकन ने ट्वीट कर कहा कि 28 नवंबर को गुप्ता ने कांग्रेस से इस्तीफ दिया। बोले- सर मुझे राज्यसभा का वायदा किया गया है। माकन ने इशारों में कहा, सुशील अच्छे आदमी हैं और ‘चैरिटी’ के लिए जाने जाते हैं। मतलब 36 दिन पहले ही नाम फाइनल हो चुका था। पीएसी की मुहर भर बाकी थी।
– आप विधायक शिवचरण गोयल इसके सूत्रधार बताए जा रहे हैं। 2 सितंबर को महाराजा अग्रसेन हॉस्पिटल के प्रोग्राम में केजरीवाल और गुप्ता दोनों ही मंच पर थे। यहां गुप्ता से केजरीवाल बोले- हमें आप जैसे लोगों की जरूरत है।
– इस पर गुप्ता ने वैश्य समाज की ओर से राज्यसभा उम्मीदवार बनाने की शर्त रख दी। केजरीवाल ने कहा- विचार करेंगे। 28 नवंबर को गुप्ता ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया। 8 दिसंबर को उनके बेटे की शादी में सत्येंद्र जैन और केजरीवाल एक घंटे से ज्यादा पगड़ी बांधकर बैठे रहे।
– वहीं, पेशे से सीए एनडी गुप्ता चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया के 2001 में अध्यक्ष रह चुके हैं। गुप्ता की ही फर्म सुशील गुप्ता की चेयरमैनशिप वाले महाराजा अग्रसेन अस्पताल का ऑडिट भी किया है। जीएसटी लागू होने और मनीष सिसोदिया के जीएसटी काउंसिल में जाने की तैयारी में एनडी और उनके बेटे नवीन का सहयोग भी काम आया है।

 AAP ने इन बाहरियों से साधा था संपर्क

– राज्यसभा उम्मीदवारी के लिए आम आदमी पार्टी ने आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर, अरुण शौरी, यशवंत सिन्हा समेत 18 लोगों से संपर्क साधा था।

– मनीष सिसोदिया ने बुधवार को कहा कि अगर ये आम आदमी पार्टी से राज्यसभा जाते हैं तो केंद्र सरकार उन्हें बेवजह परेशान करेगी। आप के अंदर संजय सिंह समेत 10 नेताओं पर राज्यसभा भेजे जाने को लेकर चर्चा हुई। मगर विश्वास को छोड़ दिया जाए तो अन्य नामों पर आम सहमति नहीं बन पाई। पार्टी में गुटबाजी से बचने के लिए बाहरी चेहरे को तवज्जो दी गई।

– संजय सिंह के अलावा कुमार विश्वास, दिलीप पांडेय, राघव चड्डा, आशुतोष, दीपक बाजपेयी, पंकज गुप्ता जैसे नेताओं पर चर्चा की गई। संजय सिंह के नाम पर पार्टी नेताओं के बीच एकमत तो था, लेकिन अन्य नामों पर पार्टी में बगावत की दलील दी गई। कुमार पिछले डेढ़ साल से केजरीवाल पर सवाल उठा रहे थे, इसलिए उन्हें दरकिनार किया गया।

केजरीवाल ने कहा था- आपको मारेंगे, पर शहीद नहीं होने देंगे

– उम्मीदवारों के एलान पर पहली बार कुमार विश्वास खुलकर बोले। उन्होंने कहा, ‘‘अरविंद केजरीवाल ने कहा था- सर जी, आपको मारेंगे, लेकिन शहीद नहीं होने देंगे। ये धमकी उन्होंने चार महीने पहले दी थी।”
– विश्वास ने कहा कि वह युद्ध में शहीद हो चुके हैं। अत: केजरीवाल से अपील है कि शव के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ न की जाए। केजरीवाल की इच्छा के बगैर पार्टी में कुछ नहीं होता है। उनके समर्थक सोशल मीडिया पर कुमार विश्वास के खिलाफ किसी तरह की अभद्र टिप्पणी न करें।

किस अंदाज में माकन ने लगाए आरोप?

– माकन ने ट्वीट में कहा, ”28 नवंबर को सुशील गुप्ता ने मुझे राज्यसभा का वादा किए जाने की बात कही। मैंने मुस्कुराते हुए कहा कि ये संभव नहीं तो उन्होंने भी मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि सर आप नहीं जानते।”
– माकन ने अचरज भरे अंदाज में लिखा- ”40 दिन के भीतर! मैं जितना कम बोलूं उतना ही अच्छा है।”

बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा का आरोप- केजरी ने 100 करोड़ लिए

– बीजेपी सांसद और दिल्ली के पूर्व सीएम साहिब सिंह वर्मा के बेटे प्रवेश वर्मा ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में आरोप लगाया कि केजरीवाल ने बाहरी लोगों को राज्यसभा भेजने के लिए 100 करोड़ रुपए लिए।
– न्यूज चैनल पर वर्मा ने दावा किया, ‘”मैं केजरीवाल को चैलेंज करता हूं कि वे अपना नारको टेस्ट करवाएं। अगर वे ये कुबूल ना कर लें कि राज्यसभा के दो टिकट उन्होंने 100 करोड़ में बेचे हैं तो मैं अपनी फैमिली के साथ भारत छोड़ दूंगा। AAP के विधायक, वर्कर्स और वो लोग जिन्होंने पार्टी को वोट दिया, सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता के बारे में नहीं जानते।”

आशुतोष भी रूठे-रूठे से हैं

– पॉलिटिकल कमेंट से दूर, पालतू बिल्ली के साथ फोटो में मस्त राज्यसभा उम्मीदवार के लिए पूर्व पत्रकार और पार्टी के स्पोक्सपर्सन आशुतोष का नाम राज्यसभा की दौड़ में शामिल था। लेकिन शायद पिछले दिनों उन्हें पहले ही आभास हो गया था कि अब उनका नाम चर्चा में नहीं हैं।

– यही वजह रही कि पिछले 3 दिन से आशुतोष सोशल मीडिया ट्विटर पर पॉलिटिकल कमेंट के बजाय अपनी पालतू बिल्ली की फोटो पोस्ट कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सिर्फ महाराष्ट्र की घटना से संबंधित एक पोस्ट की है। बुधवार को आशुतोष ने मीडिया से पूरी तरह से दूरी बना ली।

AAP के पूर्व नेताओं ने क्या कहा?

– स्वराज्य आंदोलन और जय किसान आंदोलन के फाउंडर मेंबर योगेंद्र यादव ने ट्वीट किया, ”पिछले तीन साल में मैंने ना जाने कितने लोगों को कहा कि अरविंद केजरीवाल में जो भी दोष हों, कोई उसे खरीद नहीं सकता। इसलिए कपिल मिश्रा के आरोप को मैंने खारिज किया। आज समझ नहीं पा रहा हूं क्या कहूं? हैरान हूं, स्तब्ध हूं, शर्मसार भी।”
– आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता प्रशांत भूषण ने कहा, ”आप ने जिन लोगों को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है, उनमें राज्यसभा के लिए कोई क्वालिटी नहीं है। पार्टी ने अपना अंतिम उपसंहार लिख लिया है।”
– पार्टी की पूर्व नेता अंजलि दमानिया ने कहा, ”पार्टी छोड़ने के बावजूद भी मेरे दिल के कोने में ‘आप’ का स्थान था, लेकिन आज ये पार्टी भी अन्य पार्टियों की तरह हो गई।”
– आप के पूर्व नेता मयंक गांधी ने कहा, ”मैं आप की निंदा इसलिए करता था, ताकि आप में सुधार हो सके, लेकिन इन्होंने लाइन को ही क्रॉस कर दिया।”

कौन हैं सुशील गुप्ता?
– सोशल एक्टिविस्ट सुशील गुप्ता कांग्रेस के टिकट पर चुनाव हार चुके हैं। पार्टी एजुकेशन और हेल्थ सेक्टर से भी एक एक्सपर्ट तलाश रही थी। सुशील गुप्ता ने इन दोनों सेक्टर पर काफी काम किया है। उनके दिल्ली में 10 चैरिटेबल हॉस्पिटल चल रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक 2013 में भी आप ने सुशील गुप्ता को मोतीनगर सीट से टिकट ऑफर किया था लेकिन तब उन्होंने मना कर दिया।

कौन हैं एनडी गुप्ता?

– चार्टर्ड अकाउंटेंट एनडी. गुप्ता दिल्ली में जीएसटी के बड़े जानकारों में शुमार हैं। 68 साल के गुप्ता चार्टर्ड अकाउंटेंट असोसिएशन के प्रेसिडेंट रह चुके हैं। वो केजरीवाल के साथ एनजीओ ‘परिवर्तन’ के समय से जुड़े हैं। दो साल से आप की अकाउंटिंग का सारा काम ये ही देख रहे हैं। पार्टी इकोनॉमी पर अच्छी पकड़ रखने वाले एक सीए की तलाश कर रही थी और गुप्ता इसके लिए सबसे कारगर माने गए।

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