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एक जून से प्रस्तावित किसान आंदोलन को रोकने के लिए पुलिस और स्पेशल ऑर्म्ड फोर्स ने तैयारी कर ली

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एक जून से प्रस्तावित किसान आंदोलन को रोकने के लिए पुलिस और स्पेशल ऑर्म्ड फोर्स ने तैयारी कर ली है। आंदोलन के दौरान हिंसा होने की स्थिति से निपटने के लिए किसान को लाठी, डंडे, वाहन और अतिरिक्त फोर्स दिया जा रहा है। प्रशासन ने 35 जिलों में करीब 10 हजार लाठी-डंडे बंटवाए गए हैं। एसएएफ की 89 कम्पनी और 5000 अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं। स्थानीय स्तर पर भी पुलिस फोर्स ने मोर्चा संभाल लिया है। इसे लेकर भोपाल में मंगलवार को पुलिस मॉक ड्रिल की, वहीं किसानों ने रिंगटोन बनाकर किसानों से अपील की।

– आईजी मकरंद देउस्कर ने बताया कि आंदोलनकारियों से निपटने के लिए पुलिस फोर्स तैयार है। प्रशासन ने 35 जिलों में करीब 10 हजार लाठी डंडे बंटवाए गए हैं। पीएचक्यू ने सभी जिलों को अलर्ट किया, प्रशासन ने आमजन के लिए दूध और सब्जी मुहैया कराएगा, साथ ही किसानों से पुलिस प्रशासन जन संवाद कर रहे हैं।

पिछले साल से लिया सबक
– पिछले साल के किसान आंदोलन से सबक लेते हुए इस बार आगामी एक जून से होने वाले गांव बंद आंदोलन के लिए पुलिस मुख्यालय ने तैयारी कर ली है। आईजी मकरंद देउस्कर ने बताया कि आंदोलनकारियों से निपटने के लिए पुलिस तैयार है।

इंटरनेट सेवाओं पर कोई पाबंदी नहीं
– आईजी इंटेलीजेंस मकरंद देउस्कर ने कहा कि अभी इंटरनेट सेवाओं पर किसी तरह की पाबंदी नहीं लगाई गई है। इस तरह के कदम गंभीर कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित होने पर ही उठाए जाते हैं। बॉन्ड भरवाने की प्रक्रिया पर बोले, जिला पुलिस अपनी आवश्यकता के मुताबिक कार्रवाई कर रही है। दूध और सब्जी की व्यवस्था को लेकर सभी इंतजाम प्रशासन स्तर पर किए गए हैं।

किसान आंदोलन में हिंसा के इनपुट
– प्रदेशभर में एक जून हो प्रस्तावित किसान आंदोलन में हिंसा होने का इनपुट भी इंटेलीजेंस को मिला है। इंटेलीजेंस आईजी मकरंद देउस्कर का कहना है कि किसान आंदोलन करने वाले सभी संगठन शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने की बात कहते हैं, लेकिन आंदोलन के समय जमीनीं हकीकत दूसरी रहती है। इसलिए पुलिस मुख्यालय ने अपने स्तर पर तैयारियां करने के साथ जिलों के एसपी को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं।
80 साल के बुजुर्ग किसान को थमाया नोटिस
– बताया जा रहा है कि किसान गणेशराम पाटीदार खुद अकेले चल फिर तक नहीं पाते हैं, उन्हें दो लोगों के सहारे की जरुरत होती है और वे पिछले तीन वर्षों से इसी तरह बीमार हैं। किसान संगठनों द्वारा प्रस्तावित एक जून से दस जून तक के किसान आंदोलन को लेकर प्रशासन लोगों को प्रतिबंधात्मक नोटिस भेज रही है। इसमें नीमच जिले में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग किसान को बांड भरने का नोटिस दिया गया है।
– किसान गणेशराम पाटीदार खुद अकेले चल फिर तक नहीं पाते हैं, उन्हें दो लोगों के सहारे की जरुरत होती है और वे पिछले तीन वर्षों से इसी तरह बीमार हैं लेकिन ताबड़तोड़ कार्यवाहियों के बीच प्रशासन ने इन्हें भी नोटिस जारी कर दिया। किसान आंदोलन से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने करीब 1200 लोगों को प्रतिबंधात्मक नोटिस जारी किए हैं। वहीं, प्रदेश के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह का कहना है कि सरकार किसानों से कोई बांड नहीं भरा रही है।

ऐसी है चाक चौबंद तैयारी

 -चिन्हित 35 जिलों में 10 हजार लाठियों के साथ हेलमेट, चेस्टगार्ड आवंटित किए।
-100 चार पहिया पुलिस वाहनों को भेजा गया।
-सबसे ज्यादा वाहन इंदौर, राजगढ़ में 8-8, मुरैना में 7, भोपाल, दतिया में 6-6, शिवपुरी, गुना, सतना में 5-5 गाड़ियां दी गई।
-SAF की 89 कंपनी, 5000 अतिरिक्त जवान तैनात।
-स्थानीय स्तर पर थानों और पुलिस लाइन के फोर्स ने मोर्चा संभाला।
-किसान नेताओं की जिलों में ‘मैन टू मैन” मार्किंग की जा रही।
-आंदोलन के स्थिति के अनुरूप इंटरनेट सेवाओं को पर पाबंदी का फैसला।
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