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एटीएम का क्लोन बनाकर निकाल लेते थे रुपए

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एटीएम कार्ड का क्लोन बनाकर उससे रुपए निकालने वाले गिरोह के दो सदस्यों इमरान पाशा और हरिमोहन शिवहरे को क्राइम ब्रांच ने पकड़ा है। दोनों ने जनवरी में मुरार के एमएच चौराहे स्थित एटीएम में एक कार्ड का क्लोन बनाकर 10.32 लाख रुपए निकाल लिए थे। हरिमोहन मेहगांव और इमरान मुंबई का रहने वाला है। गिरोह का इंटरनेशनल कनेक्शन भी मिला है। इसका मास्टरमाइंड केन्या का रहने वाला हिलेरी है। इमरान चीन से क्लोन बनाने वाले उपकरण स्कीमर, माइक्रो कैमरा तथा रीडर मंगाता था। इन्हें सॉफ्ट टॉयज में छिपाकर मंगाया जाता था।

-पुलिस को गिरोह के सदस्यों से 1.40 लाख रुपए, 5 एटीएम कार्ड, विदेशी एटीएम कार्डों का डाटा तथा दो मोबाइल फोन मिले हैं। इनके दो साथी अभी मुंबई जेल में हैं, जबकि एक साथी फरार है।

-एसपी डॉ. आशीष ने बताया, जनवरी में मुरार के दिनेश सिंह तोमर एमएच चौराहे पर एटीएम से रुपए निकालने गए थे। एटीएम में स्कीमर लगा हुआ था। इसके जरिए उनका डाटा कार्ड रीड किया और क्लोन एटीएम कार्ड बना लिया। बाद में इस कार्ड से फरीदाबाद, इटावा, कानपुर, रनिया, मुरैना, ग्वालियर और ठाणे के एटीएम से रुपए निकाले और ऑनलाइन खरीदारी की।

1) ऐसे हुई इमरान पाशा औरहरिमोहनकी गिरफ्तारी

-गिरोह के सदस्य कलाम खान और हरिमोहन शिवहरे ने क्लोन एटीएम कार्ड को मुंबई में स्वैप कर भुगतान किया था। वहां पर सीसीटीवी फुटेज में इनका फोटो आया और बिल से मोबाइल नंबर के बारे में जानकारी मिल गई। फुटेज से मिले फोटो का दोनों के फेसबुक अकाउंट से मिलान किया। इसके बाद मुंबई में पुलिस भेजकर तलाश करवाया गया तो कलाम के जेल में होने की जानकारी मिली। उसके साथी हरिमोहन तथा इमरान पाशा को गिरफ्तार कर लिया।

2) ऐसे लगाते हैं एटीएम में उपकरण
-एटीएम के कार्ड स्लॉट में स्कीमर लगाया जाता है। इसे स्लॉट में टेप की मदद से चिपकाया जाता है। अपना एटीएम कार्ड लगाने से पहले स्लॉट को हाथ से हिला-डुलाकर देखें, अगर स्कीमर लगा होगा तो वह निकल आएगा। एटीएम के की-पैड के ऊपर माइक्रो कैमरा लगाया जाता है। यह भी टेप से लगाया जाता है। यह कैमरा आप पासवर्ड डायल करते हैं उसको रिकॉर्ड कर लेता है।

3) ऐसे निकालते थे एटीएम से कैश
-इमरान पाशा: 60 हजार रुपए में चीन से मंगाता था किट, देता था डेमो : मुंबई में कंस्ट्रक्शन के काम के बाद ढाई साल पहले गिरोह से कलाम खान के जरिए जुड़ा। उसका काम चीन से क्लोनिंग के उपकरण मंगाना होता था। यह किट 60 हजार रुपए में आती थी, जिसमें स्कीमर, माइक्रो कैमरा और रीडर रहता था। इन्हें एटीएम में लगाकर गिरोह के सदस्यों को डेमो देता था।

-हरिमोहन शिवहरे: स्कीमर लगाकर क्लोन कार्ड बनाता था:हरिमोहन नवंबर से गिरोह से जुड़ा था। वही इमरान को लेकर ग्वालियर आया था। एमएच चौराहे पर एटीएम में स्कीमर का डेमो इमरान ने दिया। इसके बाद हरिमोहन यहां स्कीमर लगा आया। 17 एटीएम कार्ड का डाटा कॉपी किया और इसे राइटर में फीड किया। कलाम ने ब्लैंक एटीएम कार्ड उपलब्ध कराए थे।

4) इन लोगो को इसके बदले मे 20 प्रतिशत दिया जाता है

 -आरोपी इमरान का कहना है कि हरिमोहन से उसकी मुलाकात भोपाल जेल मे हुई थी और वही से दोनो ने एक साथ काम करना शुरु कर दिया था. उसके साथ इस पूरे खेल में चार-पांच सदस्य काम करते थे। फिलहाल मुख्य आरोपी हिलेरी मुंबई पुलिस की गिरफ्त में आ गया है, जो यह पूरा नेटवर्क संचालित करता है। ग्वालियर पुलिस अब आरोपियो का रिमांड लेकर पता कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल है और इन्होंने कितनी वारदातो को अंजाम दिया है।
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