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कांग्रेस प्रदेश में अराजकता फैलाना चाहती है – सीएम शिवराज सिंह

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किसान आंदोलन के तहत प्रदेश के कई हिस्सों में किसान सड़क पर सब्जियां, दूध और अन्य कृषि उत्पादों को फेंक प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन मध्य प्रदेश से लेकर केंद्र सरकार किसानों के आंदोलन को गंभीरता से नहीं ले रही है। ताजा बयान केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने दिया है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में मध्य प्रदेश के किसानों के आंदोलन को पब्लिसिटी स्टंट बताया है। उन्होंने कहा कि मीडिया में आने के लिए कुछ अनोखे काम करने पड़ते हैं। विभिन्न राज्यों के किसान 10 दिन की हड़ताल पर है। शनिवार को हड़ताल का दूसरा दिन है।

कांग्रेस अराजकता फैलाना चाहती है : सीएम
– वहीं, सीएम शिवराज सिंह ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस प्रदेश में अराजकता फैलाना चाहती है। रायसेन जिले में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन का मध्य प्रदेश में असर नहीं है। यहां के किसान सरकार की योजनाओं से खुश हैं। कांग्रेस आंदोलन को भड़काने की कोशिश कर रही है।

सप्लाई पर असर नहीं, रोकने पर होगी कार्रवाई : भूपेंद्र सिंह
– प्रदेश के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह का कहना है कि किसान आंदोलन का प्रदेश में दूसरे दिन भी कोई असर नहीं है। दूध और सब्जी की सप्लाई हो रही है। अगर सप्लाई में किसी ने बाधा डालने की कोशिश की तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

MP के कृषि मंत्री बोले- किसान सरकार से खुश
– किसान आंदोलन पर प्रदेश के कृषि राज्यमंत्री बालकृष्ण पाटीदार ने कहा है कि किसान सरकार से खुश हैं। उन्होंने कहा, “किसान आंदोलन में कोई भी किसान हिस्सा नहीं ले रहा है और प्रदेश के किसान मुख्यमंत्री द्वारा किसानों के हित के लिए बनाई गई योजनाओं से खुश हैं। किसानों को राज्य और केंद्र सरकार पर पूरा भरोसा है और उनको विश्वास है कि सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करेगी।”

भोपाल : कम हुआ असर
– किसान आंदोलन का दूसरे दिन हालात सामान्य हैं, सब्जी, फल और दूध की सप्लाई में खास असर नहीं दिखाई दिया। भोपाल की करौंद मंडी में सब्जी में कमी देखी गई। सब्जी का हाल खराब नहीं है। यहां पर सब्जियां रोजाना की तरह आ रही हैं। सब्जी व्यापारियों का कहना है कि 10 फीसदी असर पड़ा है। ज्यादा असर नहीं दिख रहा है। जबकि सांची दूध की उपलब्धता बनी हुई है। हालांकि दुग्ध संघ का कहना है कि करीब 1.5 लाख लीटर दूध कम मिला।
– दुग्ध संघ के सीईओ अभिषेक सिंह का कहना है कि हमारे पास पर्याप्त दूध आ रहा है। 1600 मीट्रिक टन पाउडर और बटर रखा हुआ है। भोपाल समेत किसी भी शहर में दूध और श्रीखंड, छाछ, लस्सी, रबड़ी, दही सहित अन्य मिल्क प्रोडक्ट की किल्लत नहीं आने देंगे।

सीहोर –सीहोर मंडी में भी काफी हद तक हालत सामान्य रहे। हड़ताल के दूसरे दिन सब्जी मंडी में किसानों काफी तादात देखी गई। सूत्रों के मुताबिक मंडी में करीब 60 फीसद सब्जी की आवक हुई।

होशंगाबाद –होशंगाबाद में किसान आंदोलन का असर देखा जा रहा है। आंदोलन की वजह से मंडी में सब्जियों की खेप नहीं आई । इस वजह से सब्जी मंडी में कल की सब्जियां बिक्री के लिए उपलब्ध रही। इस वजह से सब्जियों के दाम बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही दूध की आपूर्ति पर भी असर देखा गया है। कुछ दूध विक्रेताओं ने दूध की आपूर्ति नहीं की, जिसकी वजह से कई घरों में सुबह दूध नहीं पहुंचा।

नरसिंहपुर – तेंदूखेड़ा में राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के सदस्यों ने फल, सब्जियां फेंककर जताया विरोध। किसान मजदूर संघ का यह करीब 15 मिनिट तक चलता रहा।

इन जिलों में भी किसान आंदोलन बेअसर

किसान आंदोलन विंध्य और महाकौशल के जबलपुर, सागर, ग्वालियर, शहडोल और सतना में कोई घटना सुनने में नहीं आई।

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