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किसानों को “काली दीपावली’ मनाने के लिए मजबूर किया जा रहा – कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों को “काली दीपावली’ मनाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से औसतन 22.5 प्रतिशत कम दाम मिले। उन्होंने कहा कि किसानों का दोहरा शोषण बंद होना चाहिए क्योंकि सरकार का राजधर्म किसानों को बचाना है। सोनिया गांधी ने दिवाली की पूर्व संध्या पर कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार किसानों को लागत से 50% अधिक एमएसपी देने का अपना वादा पूरा नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि साल दर साल यह मुनाफा कुछ बिचौलियों को दिया जा रहा है और किसानों के करोड़ों रुपए का चूना लगाया जा रहा है। एमएसपी की दर से कम कीमत पर खरीफ फसल को बेचने से किसानों को 50 हजार करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचा है।

किसानों का क्या दोष हैं, सरकार बताए: सोनिया

उन्होंने सरकार से पूछा, “भाजपा सरकार सत्ता में आने के बाद विश्वासघात की नींव रख दी। सवाल यह है कि त्योहार के दिनों में किसानों को काली दीपावली मनाने को मजबूर किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि विभिन्न बाजारों में खरीफ फसलों जैसे दालें, सूर्यमुखी, ज्वार, बाजरा आदि को एमएसपी से 8 से 37% कम दर पर बेचा गया। इस प्रकार एमएसपी की औसतन 22.5% की कम दर से खरीफ के फसलों को बेचा गया। करोड़ों किसानों को उनकी फसलों की कीमत क्यों नहीं मिल रही है। उनका क्या दोष है?

नमी की आड़ में किसानों को कम कीमत मिल रही: सोनिया

उन्होंने कहा, “यहां तक कि जिस किसान ने धान बोया था, उसे फसल में नमी होने की आड़ में एमएसपी से 200 रुपये प्रति क्विंटल कम मिल रहा है। 2019-20 के दौरान 140.57 मिलियन टन खरीफ फसल का उत्पादन होने की उम्मीद है।” उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ मोदी सरकार ने खाद पर 4, कृषि उपकरणों पर 12 और कीटनाशकों पर 18 जीएसटी लगाया है। वहीं दूसरी तरफ, डीजल की कीमत लगातार बढ़ रही है।

सरकार के पास किसानों के लिए पैसे नहीं: प्रियंका

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद भवन, इंडिया गेट और अन्य भवनों के पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने शुनिवार को कहा कि दिल्ली के ऐतिहासिक इलाके को सुंदर बनाने के लिए सरकार ने गुजरात की कंपनी को 12,420 करोड़ रुपए का ठेका दे दिया। लेकिन गन्ना किसानों के बकाया का भुगतान करने के लिए पैसे नहीं हैं। सरकार किसानों के पेट पर लात मारकर ‘अपने मित्रों’ की जेब भर रही है। प्रियंका ने ट्वीट किया, “उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों का 7 हजार करोड़ रुपए का बकाया न दिए जाने से उनकी आजीविका का संकट पैदा हो गया है। भाजपा सरकार होश खो रही है। जिस दिन देश का किसान जागेगा, उस दिन से सावधान… वह दिन जल्द आएगा।”

सभी मंत्रालयों के लिए साझा सचिवालय बनेगा

मोदी सरकार ने संसद भवन से इंडिया गेट तक के इलाके में सौंदर्यीकरण का ठेका अहमदाबाद की कंपनी एचसीपी डिजाइन, प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्रा. लि. को दिया है। केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि संसद, राजपथ सहित केंद्रीय भवनों के पुनर्विकास किए जाने के साथ-साथ विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के लिए एक एकीकृत केंद्रीय सचिवालय का निर्माण किया जाना सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है।

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