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केके मिश्रा को ‘विकृत मानसिकता’ वाला व्यक्ति बताने पर वरिष्ठ अभिभाषक अजय गुप्ता की ओर से शिवराज सिंह चौहान को कानूनी नोटिस भेजा

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कांग्रेस नेता केके मिश्रा को ‘विकृत मानसिकता’ वाला व्यक्ति बताने पर वरिष्ठ अभिभाषक अजय गुप्ता की ओर से कानूनी नोटिस भेजा गया है। जिसमें मुख्यमंत्री से इस मामले में तीन दिन में माफ़ी मांगने को कहा गया है। अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी करवाई करने की बात कही गई है।

असल में, ये नोटिस उस व्यक्तिगत मानहानि प्रकरण के जवाब में भेजा गया है, जो मुख्यमंत्री ने 7 जुलाई जिला न्यायालय में प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट माननीय प्रकाश कुमार उइके की अदालत में मुख्यमंत्री द्वारा शपथपूर्वक दिए गए अपने बयान में मिश्रा को विकृत मानसिकता वाला व्यक्ति बताया था। कांग्रेस नेता केके मिश्रा की ओर से वकील गुप्ता द्वारा भेजे गए इस नोटिस में कहा गया है कि मुख्यमंत्री द्वारा मेरे पक्षकार केके मिश्रा के खिलाफ उक्त मानहानिकारक आक्षेप राजनैतिक कारणों से लगाया गया है, जबकि वे मानसिक तौर पर पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता है और कांग्रेस पार्टी के कई अहम पदों पर कार्य कर रहे हैं।

नियमानुसार किसी बीमार को भी नहीं कहा जा सकता है मानसिक बीमार :वकील ने मुख्यमंत्री को याद दिलाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा ही पारित “मेंटल हेल्थकेयर एक्ट-2017” में कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति को उसके इलाज के अतिरिक्त किसी भी प्रयोजन हेतु मानसिक रूप से बीमार नहीं कहा जा सकता है, विशेषकर राजनैतिक कारणों से तो कतई नहीं। इसका उल्लंघन होने की दशा में 6 माह का कारावास और 10 हजार जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।

उन्होंने कहा पारित अधिनियम में उक्त बीमारी को लेकर उपचाररत बीमार को जब बीमार नहीं कहा जा सकता है तो संवैधानिक पद पर काबिज़ एक मुख्यमंत्री द्वारा न्यायालय में शपथपूर्वक दिए गए अपने कथन में मानसिक रूप से स्वस्थ्य किसी व्यक्ति को किस आधार/प्रमाण के आधार पर विकृत मानसिकता वाला घोषित करार किया गया। मुख्यमंत्री का यह प्रामाणिक कथन IPC की धारा- 499-500 के तहत मानहानिकारक है। लिहाजा, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान मिश्रा से माफ़ी मांगे, अन्यथा उनके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

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