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कोर्ट ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की याचिका को रद्द कर दिया

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एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की याचिका को रद्द कर दिया है। प्रज्ञा भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा की उम्मीदवार हैं। कोर्ट ने कहा कि हमारे पास किसी प्रत्याशी के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने का कानूनी अधिकार नहीं है। यह काम चुनाव आयोग का है। यह अदालत आरोपी को चुनाव लड़ने से नहीं रोक सकती। इस मामले पर साध्वी प्रज्ञा ने कहा, ”कांग्रेस लगातार षडयंत्र कर रही है। मगर जीत निश्चित रूप से हमारी होगी क्योंकि धर्म और सत्य हमेशा जीतता है।”

याचिकाकर्ता ने कहा- बीमारी का बहाना बना रहीं प्रज्ञा

  1. कोर्ट में 2008 मालेगांव ब्लास्ट की आरोपी प्रज्ञा ठाकुर के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा, प्रज्ञा कोर्ट में चल रही सुनवाई में हिस्सा नहीं ले रही हैं। वे खराब स्वास्थ्य का बहाना बना रही हैं, लेकिन वे चुनाव के लिए प्रचार कर रही हैं, जहां वे बीमार नजर नहीं आ रहीं।
  2. एनआईए ने मंगलवार को अदालत से कहा था कि यह मामला चुनाव आयोग से संबंधित है। यह हमारे अधिकार क्षेत्र से बाहर है।
  3. निसार सैय्यद ने साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ एनआईए कोर्ट में याचिका दायर की थी। मालेगांव ब्लास्ट में उनके बेटे की मौत हो गई थी।
  4. साध्वी प्रज्ञा इस मामले में मुख्य आरोपी हैं। स्वास्थ्य कारणों से उन्हें जमानत दी गई है। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह इतनी गर्मी में चुनाव लड़ने के लिए स्वस्थ हैं। साध्वी कोर्ट को गुमराह कर रही हैं।
  5. जवाब में साध्वी ने कहा था, ”याचिका राजनीति से प्रेरित है। यह केवल पब्लिसिटी स्टंट के लिए किया गया काम है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट का समय बर्बाद किया है। उस पर जुर्माना लगाकर याचिका को खारिज कर दिया जाना चाहिए।”
  6. मालेगांव ब्लास्ट में 6 लोगों की मौत हुई थी

    29 सितंबर, 2008 को उत्तरी महाराष्ट्र के नासिक जिले में हुए ब्लास्ट में 6 लोग मारे गए थे जबकि 100 से अधिक घायल हुए थे। एनआईए ने जांच के बाद साध्वी को क्लीन चिट दी थी। कोर्ट में यह मामला अभी भी चल रहा है।

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