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कौस्तुभ का पार्थिव शरीर जिस सड़क पर से गुजरा, उस पर लोगों ने फूल बिछा दिए

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शहीद मेजर कौस्तुभ राणे (29) का गुरुवार को ठाणे में अंतिम संस्कार किया गया। कौस्तुभ का पार्थिव शरीर जिस सड़क पर से गुजरा, उस पर लोगों ने फूल बिछा दिए। अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए और ‘मेजर कौस्तुभ राणे अमर रहें’, ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे भी लगाए। मेजर कौस्तुभ कश्मीर के नियंत्रण रेखा (एलओसी) गुरेज सेक्टर में 7 अगस्त को आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए थे।ठाणे की मीरा रोड पर ही कौस्तुभ का घर है। यहां उनका परिवार 25 साल से रह रहा है। कौस्तुभ के सम्मान में घर को भी पीले फूलों से ढंक दिया गया। पीले रंग को उम्मीद का रंग माना जाता है। पड़ोसी के मुताबिक, “वह हमेशा से ही आर्मी में जाना चाहते थे। बचपन से उनका यही सपना था।” मेजर राणे आर्मी की 36 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे।

मेजर राणे को गैलंटरी मेडल भी मिला था : मेजर राणे का अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ किया गया। इसमें आर्मी के सीनियर अफसर भी मौजूद रहे। मेजर राणे को इसी साल गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सेना गैलंटरी मेडल भी दिया था। मेजर राणे के परिवार में उनकी पत्नी कनिका और ढाई साल का बेटा अगस्त्य है।

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