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चुनावी साल में प्रदेश के 2.37 लाख अध्यापकों को खुश करते हुए उनका शिक्षा विभाग में संविलियन किया

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भाजपा सरकार ने चुनावी साल में प्रदेश के 2.37 लाख अध्यापकों को खुश करते हुए उनका शिक्षा विभाग में संविलियन किया है। अब वह सरकारी कर्मचारी माने जाएंगे, साथ ही 1 जुलाई 2018 से उन्हें सातवें वेतनमान का लाभ दिया जाएगा। इसके साथ ही संविदा कर्मचारियों को नहीं हटाने का निर्णय लिया गया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

– अध्यापकों के शिक्षा विभाग में मर्जर के प्रस्ताव को कैबिनेट में हरी झंडी दे दी है। साथ ही उन्हें सातवें वेतनमान का लाभ देने का भी फैसला किया गया है। सरकार के इस फैसले से करीब 2 लाख 37 हजार अध्यापकों को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही कैबिनेट की बैठक में किसान आंदोलन को लेकर भी चर्चा हुई।

नहीं हटेंगे संविदा कर्मचारी

– इसके साथ ही सरकार ने ये भी फैसला किया कि किसी भी संविदा कर्मचारी को हटाया नहीं जाएगा। उन्हें नियमित भर्ती प्रक्रिया में 20 प्रतिशत का लाभ मिलेगा। सरकारी कर्मचारियों की तरह ईपीएफ की कटौती भी होगी। साथ ही समय-समय पर वेतनवृद्धि का लाभ भी मिलेगा। सरकार के इन फैसलों से करीब 1 लाख 84 हजार संविदा कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। हर साल वेतन वृद्धि होगी अवकाश की पात्रता भी होगी 5 साल जिन कर्मचारियों की संविदा सेवा पूरी हो चुकी है। यदि इस विभाग में अभी कार्यरत हैं और किसी दूसरे विभाग में पद निकलते हैं तो उसमें भी आवेदन कर सकेंगे।

अध्यापक संवर्ग की लंबे समय से मांग

– मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अध्यक्षता में हुई कैबिनेट में कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने तय किया कि अध्यापक संवर्ग का संविलियन शिक्षा और अनुसूचित जाति कल्याण विभाग में किया जाएगा। इसके बाद 2.37 लाख अध्यापक इससे लाभांवित होंगे। अब वह पंचायत नगरीय निकाय के कर्मचारी नहीं शासकीय सेवक कहलाएंगे।

वेतनमान की विसंगति होगी दूर

– जनसंपर्क मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि एक अन्य फैसले के तहत विभिन्न सेवाओं के वेतनमान में जो विसंगति लंबे समय से चली आ रही थी उसको लेकर राज्य वेतन आयोग की अनुशंसाओं पर अनुवर्ती कार्यवाही को भी मंजूरी दी गई है। इससे उपयंत्री, वाणिज्य कर निरीक्षक, कराधान सहायक, उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक, राजस्व निरीक्षक मंत्रालय के अनुभाग अधिकारी, निजी सचिव, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी सहित अन्य कैडर के अधिकारी कर्मचारियों को फायदा होगा।

एसीएस की अध्यक्षता में बनेगी कमेटी

इसका नगद लाभ कर्मचारियों को 1 जुलाई 2018 से मिलेगा। वेतनमान संशोधन एक जनवरी 2016 से लागू होगा, लेकिन आर्थिक लाभ 1 जुलाई 2018 से ही होगा। पटवारी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और फॉरेस्ट के अन्य कर्मचारियों को वेतनमान संशोधन का लाभ देने के लिए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जा रही है। यह कमेटी बाकी कर्मचारियों के वेतनमान से जुड़े मामलों को देखेगी इसके साथ ही कैबिनेट में बिजली कंपनियों को 1000 करोड़ का कर्ज लेने की गारंटी देने का निर्णय किया।

पूरे प्रदेश में एक साथ 13 जून से मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना

 – 13 जून को मुख्यमंत्री जन कल्याण योजना के दायरे में राज्य बीमारी सहायता योजना को भी लाया गया है। इससे 5 लाख से ज्यादा परिवारों को फायदा होगा। बीड़ी मजदूर सामाजिक सुरक्षा पेंशन के हितग्राही हस्तशिल्प हथकरघा कारीगर भी अब राज्य बीमारी सहायता योजना के दायरे में आएंगे। सरकारी कॉलेजों के अतिथि विद्वानों के मानदेय में वृद्धि के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
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