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छिंदवाड़ा सांसद कमलनाथ को मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छिंदवाड़ा सांसद कमलनाथ को मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया चुनाव कैंपेन कमेटी के चेयरमैन बनाए गए हैं। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी कार्यालय से राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत की तरफ से गुरुवार को इस संबंध में पत्र जारी कर किया।

4 कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए
– बाला बच्चन, सुरेंद्र चौधरी, जीतू पटवारी और रामनिवास रावत को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।

– कांग्रेस के दिग्गज और दो बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंहऔर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह को फिलहाल कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई है।

– कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अब तक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे अरुण यादव की तारीफ की। कहा कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभाईं।
– वहीं, कांग्रेस ने गिरीश चोडांकर को गोवा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। गिरीश ने शांताराम नाइक की जगह ली है। नाइक ने कुछ दिन पहले अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।
– गहलोत ने कहा, “पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के अध्यक्ष पद पर कमलनाथ और कैंपेन कमेटी के चेयरमैन पद पर ज्योतिरादित्य सिंधिया की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।’

इसी साल प्रदेश में होने हैं चुनाव
– मध्यप्रदेश में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। जानकारों का कहना है कि कमलनाथ की नियुक्ति के दम पर कांग्रेस प्रदेश में सत्ता में लौटना चाह रही है।
– हालांकि कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि पार्टी ने अभी तक मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार तय नहीं किया है। फिलहाल कमलनाथ और सिंधिया दोनों ही रेस में हैं।

– बता दें कि मध्य प्रदेश में 2003 से बीजेपी सत्ता में है।

कौन हैं कमलनाथ?

-उत्तर प्रदेश के कानपुर में 18 नबंवर 1946 को कमलनाथ का जन्म हुआ। दून स्कूल देहरादून और कोलकाता के सेंट जेवियर में उच्च शिक्षा। 34 साल में 1980 में 7वीं लोकसभा के लिए छिंदवाड़ा से चुने गए।

– -कमलनाथ 34 साल की उम्र में पहली बार सांसद बने थे और वे पिछले 9 बार से छिंदवाड़ा से सांसद हैं। 1997 में छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र में हुए उपचुनाव में मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा ने उन्हें शिकस्त दी थी।

संजय गांधी दोस्ती ले आई राजनीति में

– कमलनाथ का मध्यप्रदेश से सिर्फ राजनीतिक रिश्ता है। वह रहने वाले पश्चिम बंगाल के हैं। उनकी असली ताकत गांधी परिवार से उनकी पुरानी मित्रता है। संजय गांधी और कमलनाथ की दोस्ती के किस्से आज भी कहे जाते हैं। दून स्कूल से पढ़ाई के दौरान ही दोनों की दोस्ती हो गई। यही दोस्ती उन्हें राजनीति में खींच लाई, आपातकाल के ठीक बाद 1980 हुए चुनाव में वह 34 साल की उम्र में सांसद बनकर दिल्ली पहुंचे थे।

सबसे अमीर सांसदों में शामिल

-सितंबर 2011 में, उन्हें भारत में सबसे अमीर कैबिनेट मंत्री घोषित किया गया था, जिसमें 2.73 अरब रुपये (INR 2,730,000,000 या यूएस $59 मिलियन) की संपत्ति थी। चौंकाने वाली बात यह है कि उनकी संपत्ति का वेल्युएशन डॉलर में हुआ है जिसकी कीमत लगातार बढ़ती रहती है। वर्तमान में 23 कंपनियां व करीब 200 करोड़ की संपत्ति है। वह देश के पांच सबसे अमीर सांसदों में अब भी जगह रखते हैं।

सरकार में संभाली कई विभागों की कमान

-कमलनाथ ने 2004 से लेकर 2014 तक कांग्रेस सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले। इसमें उद्योग मंत्रालय, कपड़ा मंत्रालय, वन और पर्यावरण मंत्रालय, सड़क और परिवहन मंत्रालय प्रमुख हैं। कमलनाथ की छवि बेहद ईमानदार नेता की रही है, 2012 में संसदीय कार्य मंत्रालय की ज़िम्मेदारी भी सौंप दी गई। कमलनाथ कांग्रेस के महासचिव भी रहे हैं।

पुरस्कार व सम्मान

सार्वजनिक जीवन में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्री कमलनाथ को 2006 में जबलपुर के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय ने डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया।

2007 में FDI मैगज़ीन और फ़ाइनेंशियल टाइम्स बिज़नेस ने उन्हें FDI पर्सनैलिटी ऑफ़ द ईयर से नवाज़ा।

2008 में इकॉनॉमिक टाइम्स ने श्री कमलनाथ को ‘बिज़नेस रिफॉर्मर ऑफ़ द ईयर’ का सम्मान दिया।

 साल 2012 में ‘एशियन बिज़नेस लीडरशिप फ़ोरम अवॉर्ड्स 2012’ के ABLF स्टेटसमैन अवॉर्ड से कमलनाथ को नवाज़ा गया।
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