About us

दिव्यांग व बुजुर्ग जनों के मेले में पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की सुरक्षा में भारी चूक सामने आई

0

ग्वालियर में रविवार को हुए दिव्यांग व बुजुर्ग जनों के मेले में पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की सुरक्षा में भारी चूक सामने आई है। मेले में सुबह 9 बजे से ही बारिश शुरू हो गई थी, इसके बावजूद प्रशासन इस कमी को छिपा नहीं पाया। कार्यक्रम के लिए जीवाजी यूनिवर्सिटी में विशाल पंडाल लगाया था। मौसम को देखते हुए पंडाल वाटर प्रूफ लगाया गया था, लेकिन तमाम जांच पड़ताल के बावजूद एक छेद कहीं छूट गया, जिसने राष्ट्रपति के सामने प्रशासन और सरकार की अव्यवस्था की पोल खोल दी। -कार्यक्रम में सबसे ऊंची और बीचो बीच प्रेसिडेंट रामनाथ कोविंद की कुर्सी लगाई थी। अचानक राष्ट्रपति कुछ असहज लगे। उनके ऊपर पानी टपक रहा था। इसलिए वह बार-बार ऊपर की ओर देख रहे थे। ये पानी वाटर प्रूफ पंडाल से टपक रहा था। -असल में, टेंट पर चढ़े वाटर प्रूफ कवर में एक छेद था, जिससे पानी टपक रहा था और यह वहीं पर था, जहां पर प्रेसिडेंट रामनाथ कोविंद बैठे हुए थे। प्रेसिडेंट के ठीक बगल में बैठे सीएम शिवराज सिंह ने फौरन उठकर उनकी कुर्सी को वहां से खिसकाया। तब तक गार्ड भी आ गए। इसके बाद से प्रेसीडेंट सहजता से नहीं बैठ सके।

सुरक्षा व्यवस्था में 2 हजार कर्मी

-कार्यक्रम में 2 हजार से ज्यादा सुरक्षाबलों को तैनात किया गया था। पूरा प्रशासन इस कार्यक्रम की सफलता के लिए जुटा हुआ था। लेकिन एक गलती ने कार्यक्रम की गरिमा को भंग कर दिया और अव्यवस्था की पोल खोलकर रख दी।

Share.

About Author

Leave A Reply