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नरेंद्र मोदी अपने 5 दिवसीय दौरे के पहले चरण में इंडोनेशिया में

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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 5 दिवसीय दौरे के पहले चरण में इंडोनेशिया में हैं। बुधवार को जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया आपकी तरफ गर्व से देख रही है, यही बदला हुआ हिंदुस्तान है। इससे पहले उन्होंने राष्ट्रपति जोको विदोदो के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत में हिस्सा लिया। दोनों के बीच शिक्षा, प्रौद्योगिकी, समुद्र में सुरक्षा, कारोबार, रेलवे, स्वास्थ्य और निवेश समेत 15 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद मोदी और विदोदो रामायण-महाभारत थीम पर बनी पतंग प्रदर्शनी में हिस्सा लेने पहुंचे। मोदी ने जकार्ता में दक्षिण-पूर्व एशिया की सबसे बड़ी इस्तिकलाल मस्जिद और अर्जुन का रथ भी देखा।

भारत की मजबूत पहचान बनी
– मोदी ने कहा, “एक दौर वो था जब आपके पूर्वजों को भारत छोड़ना पड़ा था। एक दौर आज का है, जब दुनियाभर में भारत की मजबूत पहचान बनी है।”
– “दुनिया का हर नागरिक आपकी तरफ गर्व से देख रहा है, आप सीना तानकर चल रहे हो.. यही बदला हुआ हिंदुस्तान है।”
– “पिछले 4 साल में भारत ने दुनिया की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है। भारत में रिकॉर्ड स्तर पर विदेशी निवेश हो रहा है। भारत का फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व लगभग 300 बिलियन डॉलर से बढ़कर 400 बिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है।”
– “पिछले 14 साल में पहली बार मूडीज ने भारत की क्रेडिट रेटिंग में सुधार किया है। मूडीज ने मोदी ने नहीं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, वहीं इंडोनेशिया में भी लोकतंत्र की जड़ें बहुत मजबूत हैं।”

इंडोनेशिया से भारत के पुराने संबंध
– मोदी ने कहा, “इंडोनेशिया के बोर्नियो द्वीप पर 1700 साल पहले के अवशेष हैं जो भारत के साथ संबंधों के सबूत हैं। हाल ही में मैं ओडिशा में गया था मैं और जिस मैदान पर सभा हुई, उसका नाम बालिजात्रा था। इसका मतलब इंडोनेशिया के बाली की यात्रा है। सैकड़ों साल पहले कटक से ही निकल कर नाविक जावा, सुमात्रा, बाली, बोर्नियो तक जाते थे।”
– “इंडोनेशिया का गुजरात के साथ भी पुराना नाता रहा है। सैकड़ों साल पहले वहां के लोक इंडोनेशिया पहुंचे। वहां का खानपान और बोली यहां की संस्कृति में घुली-मिली।”
– “आज भी कई ऐसे शब्द इस्तेमाल हैं जो भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को बताते हैं। भाई के लिए सहोदर, रंगों के लिए वर्ण, भहासा और भाषा, रुपिया और रुपया। अगर ऐसे शब्दों को इकट्ठा करें तो पूरी डिक्शनरी बन जाएगी।”
– ये समानताएं स्वाभाविक हैं। भारत और इंडोनेशिया के बीच सिर्फ 90 नॉटिकल मील का ही फासला है। हम 90 नॉटिकल मील दूर नहीं, इतने पास हैं। हम पड़ोसी हैं। मैं सबसे आग्रह करूंगा कि हम बोलचाल में बार-बार इस बात का जिक्र करें कि इंडोनेशिया का सबसे करीबी पड़ोसी हिंदुस्तान है।”
– “यहां इंडोनेशिया तमिल संगम के आयोजनों को अलग पहचान मिली है। पिछले साल जकार्ता और अन्य स्थानों पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल कार्यक्रमों की मुझे जानकारी मिली। बाली में पंचकर्म की लोकप्रियता बढ़ रही है। होलिस्टिक हेल्थकेयर के प्रति दुनिया में आकर्षण बढ़ा है।”

– “इंडोनेशिया के नागरिकों को 30 दिन के लिए भारत यात्रा के नि:शुल्क वीजा की व्यवस्था की जा रही है।”

स्पीड से काम कर रही हमारी सरकार
– “हमारे यहां बड़ी आबादी 35 साल से कम उम्र की है। इनकी ऊर्जा और क्षमता को सही दिशा देने का प्रयास हमारी सरकार कर रही है। इसलिए मेरी सरकार के काम करने की स्पीड तेज और व्यापक है। स्पीड और स्कोप जहां होता है, वहां कोप के लिए कोई जगह नहीं होती। हमने गुडगवर्नेंस पर जोर दिया है।”
– “इंडोनेशिया समेत हमने 163 देशों में ईवीजा की सुविधा दी है। इस वीजा पर आने वाले टूरिस्टों की संख्या में 150 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। पहले की सरकारें सीमा तानकर बोलती थीं कि हमने ये कानून बनाया। मैं गर्व के साथ कहता हूं कि बीते वर्षों में हमने 1400 पुराने कानूनों को खत्म कर दिया। कानूनों के जंजाल से देश के आम आदमी को जितनी राहत दे सकते हैं हम देने का प्रयास कर रहे हैं। ”
– “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस ग्लोबल कॉम्पिटीशन में एक पैमाना बना है। हमने ईज ऑफ लिविंग पर काम किया है। भारत में एक ऐसे सिस्टम का निर्माण कर रहे हैं, जो ट्रांसपेरेंट हो और सेंसिटिव भी हो।”
– “पहले की सरकार में 59 ग्राम पंचायतों के मुकाबले हमने 1.10 लाख ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर को डाल दिया है। पहले सिर्फ 28 सरकारी योजनाओं के मुकाबले अब 400 से ज्यादा योजनाओं के पैसे सीधे लोगों के बैंक खाते में जमा हो रहे हैं। कोई बिचौलिया नहीं, सीधे। जो एलईडी बल्ब 300-400 में बिकता था, वो आज सिर्फ 40-50 रुपए में बिकता है।”
– “पहले 2 मोबाइल मैन्युफैक्चिरिंग कंपनियां थीं, आज इनकी संख्या 120 हो गई है। भारत में बन रहे मोबाइल ने इम्पोर्ट का खर्च भी आधा कर दिया है। यहां आज नए इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। पिछले ढाई साल में 9 हजार से ज्यादा स्टार्टअप रजिस्टर किए गए हैं। दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इको सिस्टम भारत में बना है। सबकुछ वही है। केवल सरकार बदली है और देश बदल रहा है।”

दक्षिण-पूर्व एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद और अर्जुन का रथ देखने पहुंचे मोदी

– 1978 में बनी इस्तिकलाल मस्जिद दक्षिण-पूर्व एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद है। इस्तिकलाल का मतलब होता है आजादी। इंडोनेशिया की सांस्कृतिक विविधता का पता इसी बात से चलता है कि इस मस्जिद को एक ईसाई आर्किटेक्ट फ्रेडरिक सिलाबान ने डिजाइन किया था।

– इस्तिकलाल मस्जिद जाने का बाद मोदी, विदोदो के साथ अर्जुन का रथ देखने पहुंचे। महाभारत के युद्ध में भगवान कृष्ण अर्जुन के सारथी बने थे। सेंट्रल जकार्ता में एक चट्टान पर बनी कलाकृति में कृष्ण-अर्जुन को इसी रूप में दिखाया गया है।

– अर्जुन के रथ में 8 घोड़े जुते हुए हैं, जावा के दर्शन के मुताबिक इन्हें अष्टव्रत नाम दिया गया है। ये आठ घोड़े किस्मा (धरती), सूर्य, अग्नि, कार्तिक (तारे), वरुण (जल का देवता), समीरन (वायु), तीर्त (बारिश) और केंद्रा (महीने) का प्रतीक हैं।
– इस कलाकृति को 1987 में बनाया गया था। भारत से जकार्ता जाने वाले पर्यटकों के लिए ये आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।

तीनों देशों से भारत का साढ़े तीन लाख करोड़ का कारोबार है

इंडोनेशिया में 1 लाख भारतीय

– इंडोनेशिया से 2005 में रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत हुई थी। वहां एक लाख से ज्यादा भारतीय रहते हैं। इन्हें मोदी संबोधित करेंगे। दक्षिण-पूर्व एशिया में इंडोनेशिया, भारत का सबसे बड़ा पार्टनर है। उसके साथ सालाना 1.22 लाख करोड़ रुपए का कारोबार होता है।

मलेशिया में 20 लाख भारतीय
– मलेशिया के साथ 71 साल पहले राजनयिक रिश्ते की शुरुआत हुई। 2010 में रणनीतिक साझीदारी की पहल हुई। अभी दोनों देशों के बीच करीब 1 लाख करोड़ रुपए का कारोबार होता है। वहां 20 लाख से ज्यादा भारतीय रहते हैं। मोदी गुरुवार को वहां कुछ घंटे रहेंगे।

सिंगापुर में 8 लाख भारतीय
– सिंगापुर हमारे लिए अहम है, क्योंकि वहां 8 लाख भारतीय रहते हैं। 8 हजार भारतीय कंपनियां रजिस्टर्ड हैं। दोनों देशों के बीच अभी 1.2 लाख करोड़ का सालाना कारोबार होता है। उम्मीद है कि सिंगापुर से कारोबार बढ़ाने और चीन का विकल्प बनने की संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं।

2025 तक द्विपक्षीय व्यापार 50 बिलियन डॉलर करने का लक्ष्य

– अपने पहले आधिकारिक दौरे पर इंडोनेशिया पहुंचे मोदी का यहां के राष्ट्रपति महल ‘मर्डेका पैलेस’ में बेहतरीन स्वागत हुआ। मोदी और विदोदो ने डेलिगेशन स्तर की बातचीत से पहले आपस में काफी देर तक चर्चा की।
– प्रधानमंत्री मोदी ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि उनके और राष्ट्रपति विदोदो के बीच मीटिंग के दौरान समुद्री, आर्थिक और सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके अलावा दोनों ने क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मामलों पर भी बात की।

– इसके अलावा भारत और इंडोनेशिया 2025 तक द्विपक्षीय व्यापार 50 बिलियन डॉलर्स (करीब 3 हजार करोड़ रुपए) तक बढ़ाएंगे।

– इस दौरान मोदी ने कहा कि भारत और आसियान देशों की साझेदारी सिर्फ भारत-प्रशांत क्षेत्र ही नहीं, बल्कि इससे आगे भी शांति की गारंटी बन सकती है।
– हाल ही में इंडोनेशिया में चर्च पर हुए हमलों की निंदा करते हुए मोदी ने कहा कि भारत ऐेसे किसी भी हमले की निंदा करता है। उन्होंने आतंक के खिलाफ लड़ाई में इंडोनेशिया के साथ मजबूती से खड़े होने की बात कही है।

इंडोनेशिया में है रामायण-महाभारत का प्रभाव

– इंडोनेशिया दक्षिण पूर्व के उन देशों में है जहां रामायण और महाभारत ग्रंथ भारत की तरह ही प्रसिद्ध हैं। माना जाता है कि इसकी वजह ईसा पूर्व से पहले दोनों देशों के बीच के संबंध हैं जो कि समय के साथ गहरे हुए हैं। दोनों देश लंबे समय तक अहम व्यापारिक साझेदार भी रहे हैं।

कालीबाता स्मारक में दी शहीदों को श्रद्धांजलि

– इससे पहले बुधवार सुबह मोदी विदोदो के साथ कालीबाता स्मारक गए, जहां उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मोदी तीन देशों की यात्रा पर हैं। यहां दो दिन रुकने के बाद वे मलेशिया और सिंगापुर जाएंगे। मोदी का इंडोनेशिया का पहला और सिंगापुर का दूसरा दौरा है।

कालीबाता में किन सैनिकों की कब्र है?

– यहां उन सैनिकों को दफन किया गया है जिन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के समय इंडोनेशिया को डच से आजादी दिलाई थी। यहां 1000 जापानी सैनिक भी दफन हैं। उन्होंने आजादी की इस जंग में इंडोनेशिया का साथ दिया था। यह कब्रिस्तान 1953 में बनाया गया था।

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