पांच करोड़ श्रद्धालु पवित्र क्षिप्रा नदी में स्नान कर चुके हैं

प्रदेश के परिवहन मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि सिंहस्थ के दौरान अभी तक करीब पांच करोड़ श्रद्धालु पवित्र क्षिप्रा नदी में स्नान कर चुके हैं और सम्पूर्ण सिंहस्थ अवधि के दौरान करीब आठ करोड़ श्रद्धालुओं के यहां पहुंचने की संभावना है।
जिले के प्रभारी मंत्री सिंह ने यह बात चर्चा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस महापर्व के लिए श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर व्यापक प्रबंधन किए  हैं। शाही स्नान के दिन को छोड़कर यहां प्रतिदिन 25 से 30 लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और 21 मई तक चलने वाले सिंहस्थ तक आठ करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
छह मई को यहां आई तेज आंधी, तूफान एवं बारिश के बाद भी श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। पिछले नौ मई के शाही स्नान में लगभग 75 लाख श्रद्धालुओं ने क्षिप्रा नदी में स्नान किया। साथ ही 11 मई और आज पर्व स्नान पर श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ी है।
सिंहस्थ में श्रद्धालुओं की भीड़ शोध का विषय : प्रदेश के परिवहन मंत्री एवं उज्जैन के प्रभारी मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व के दौरान सीमित क्षेत्र में क्षमता से कई गुना अधिक श्रद्धालुओं के हिस्सा लेने के कारण विश्व का पहला भीड़ प्रबंधन एवं नियंत्रण का सफल आयोजन अब शोध का विषय बन गया।
सिंह ने कहा कि एक सीमित क्षेत्र में सिंहस्थ मेले का आयोजन और क्षमता के हिसाब से कई गुना श्रद्धालु लगातार शहर में पहुंचे और उन्होंने क्षिप्रा नदी में स्नान एवं महाकाल दर्शन सहित कुम्भ मेले में धर्म लाभ लिया। इतनी विशाल भीड़ का व्यवस्थित प्रबंधन, नियंत्रण अब शोध का विषय बन गया है। विश्व स्तर पर यहां के भीड़ प्रबंधन एवं नियंत्रण का अध्ययन किया रहा है।
उन्होंने बताया कि नीदरलैंड, सिंगापुर और रूस जैसे देश भारत सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारतीय विज्ञान संस्थानं बैंगलुरु, आईआईटी कानपुर, टैक महिंद्रा सहित कुछ भारतीय स्टार्ट अप कं‍पनियां यहां के भीड़ प्रबंधन एवं नियंत्रण का अध्ययन कर रही हैं। इस अध्ययन के उपरांत ऐसा सॉफ्टवेयर एवं गाइडलाइन तैयार होगी जो विश्वस्तरीय आयोजनों में भीड़ नियंत्रण एवं प्रबन्धन के लिए उपयोगी होगी।
सिंह ने कहा की बीते करीब तीन सप्ताह में देश और विदेश के अनेक बड़े राजनेता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, श्रीलंका के राष्ट्रपति, केंद्रीय मंत्री, राज्यों के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री, कई उद्योगपति, फ़िल्मी कलाकार आदि महत्वपूर्ण व्यक्ति उज्जैन पहुंचे हैं और सबने कुम्भ मेले की व्यवस्थाओं की सराहना की है।

उज्‍जैन आने वाले रास्‍तों पर लगा जाम : वृषभ संक्रांति पर सिंहस्थ का चौथा पर्व स्नान शनिवार रात 12 बजे से शुरू हो गया था। सुबह होते-होते रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट सहित अन्य घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई।

हालात यह हो गए कि इन घाटों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी। ऐसे हालात में पुलिस और जिला प्रशासन को व्यवस्था संभालने में काफी दिक्कतें हुईं लेकिन आस्था के आगे सारी व्यवस्थाएं नाकाफी रहीं।

स्थानीय प्रशासन की मानें तो शनिवार की रात तक 25 लाख लोग स्नान के लिए उज्जैन पहुंच चुके थे। उज्जैन आने वाले रास्तों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं, इस वजह से श्रद्धालुओं को घाट तक पहुंचने में करीब 4 घंटे का वक्त लग रहा था।

रविवार को पर्व स्नान पर उमड़ी भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं का आंकड़ा 50 लाख से ऊपर पहुंचने का दावा किया जा रहा है। शनिवार से लेकर रविवार शाम तक जगह-जगह सड़कों पर जाम लगने की खबरें मिल रही हैं।

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