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पिछले 3 दिनों से सागर एवं दमोह जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है

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सागर के ग्राम झीला-मझेरा के एक टापू पर फंसे तीन ग्रामीणों को गुरुवार को भोपाल से पहुंची एमपीएसडीआरएफ की टीम ने ढाई घंटे के रेस्क्यू आपरेशन के बाद बाढ़ से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके पहले ग्वालियर से आया सेना का हेलिकॉप्टर रेस्क्यू आपरेशन में सफल नहीं हो सका था।

पिछले 3 दिनों से सागर एवं दमोह जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है। धसान एवं अन्य नदी उफान पर होने से खुरई तहसील में बीना नदी में बाढ़ आई हुई है। यहां के ग्राम झीला-मझेरा में गांव के जगन पटेल, जगन्नाथ पटेल व उनकी पत्नी खेत पर गए हुए थे। लगातार बारिश होने से खेत के चारों ओर पानी बढ़ गया। बीना नदी उफान पर होने से निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा था। बुधवार को प्रशासन ने ग्वालियर से आर्मी का हेलिकॉप्टर मंगाया और तीनों फंसे हुए किसानों को एयर रेस्क्यू करने का प्रयास किया, किंतु सफलता नहीं मिली। कमांडेंट संतोष जाट के मुताबिक जिला प्रशासन की मांग पर भोपाल से मध्यप्रदेश एसडीआरएफ की 12 सदस्यीय स्पेशल टीम राजकुमार कटारे, टीम कमांडर के नेतृत्व में मय उपकरण के साथ बुधवार की दोपहर में सागर के लिए रवाना की गई थी। गुरुवार की सुबह छह बजे एमपीएसडीआरएफ की टीम ने मझेंरा गांव में बीना नदी पर रेस्क्यू आपरेशन प्रारंभ किया। रेस्क्यू टीम तीन किमी तक ओबीएम और मोटर बोट को पैदल कंधों पर रखकर घटना स्थल के समीप पहुंची। अधिक कीचड़ एवं जलकुंभी होने से अन्य कोई विकल्प नहीं था। नदी में लहरों का प्रवाह बहुत तेज था। बोट के द्वारा टीम ग्रामीणों के पास पहुंची। ढाई घंटे की मशक्कत के बाद तीनों ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

बेबस नदी: बारह घंटे से फंसे थे मछुअारे रेस्क्यू टीम की मदद से सुरक्षित निकाला

शाहगढ़. पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश से जनपद क्षेत्र की सादागिर पंचायत के गांव से निकली बेबस नदी और शाहगढ़ नगर सीमा से निकली लांच नदी उफान पर रही। बारिश में भीगते हुए मछली पकड़ने पहुंचे गांव के 9 मछुअारे बेबस नदी में आई बाढ़ में बुधवार की शाम फंस गए। देर शाम प्रशासन को प्राप्त सूचना पर रेस्क्यू टीम ने नाव की मदद से बारह घंटे बाद गुरुवार को सुरक्षित बाहर निकाला। स्वास्थ्य टीम ने बाढ़ में फंसे आदिवासी समाज के मुलायम 77 वर्ष, राकेश 25 वर्ष, प्रीतम 54, राजेंद्र 24 वर्ष, बूट्ठे 35 वर्ष, हल्लू 22 वर्ष, राजा 22 वर्ष के अलावा राकेश यादव 35 वर्ष और गोरे लाल रैकवार 50 वर्ष इन सभी का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद सुरक्षित घर भेजा।

नीमच: 4 घंटे बंद रहा कोटा मार्ग:पांच घंटे हुई तेज बरिश से जिले के छोटे-बड़े नदी, नालों में उफान आ गया। कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया। नेवड़-मालखेड़ा के बीच नाले में उफान से नीमच-कोटा मार्ग चार घंटे रहा। ग्वालटोली की पुलिया डूबने से आवागमन बंद हो गया। मनासा-पिपलोन, मालखेड़ा-जमुनिया रावजी-मनासा और नीमच सिंगोली मार्ग भी बंद रहा।

गुना: चौपेट नदी के बहाव में पिकअप फंसी, ड्राइवर-कंडक्टर ने भागकर बचाई जान:दो दिन से हो रही झमाझम बारिश से कई नदियों में तेज बहाव आ गया है। इधर, नावदा के पास बालाभेट में चौपेट नदी के रपटे से जा रहा लोडिंग वाहन पिकअप तेज बहाव में फंस गया। ड्राइवर व कंडक्टर ने कूदकर जान बचाई।

नदी में तेज बहाव के साथ दो मगरमच्छ खेत में पहुंचे, देथल गांव के लोगों ने रस्सी से बांधा
नदी में पानी का बहाव तेज होने पर मनासा (नीमच) तहसील क्षेत्र के देथल गांव में दो मगरमच्छ आ गए। इन्हें गांव के लोगों ने पेड़ से बांध दिया।

खुरई: चार घंटे तक युवक नदी के बीच पेड़ पर लटका रहा, बुजुर्ग ने हिम्मत दिखाकर युवक को बाहर निकाला:गुरुवार की सुबह करीब 9 बजे खुरई-पठारी रोड के पुल के पास दलपतपुर घाट पर बीना नदी के बीच एक युवक पानी में बह गया। युवक ने नदी के बीच पेड़ को पकड़ लिया और उस पर लटक गया। करीब चार घंटे तक वह पानी के बीच में पेड़ पर लटका रहा। विदिशा जिले के पठारी की ओर होने से पठारी पुलिस सूचना मिलने के बाद स्थानीय रेस्क्यू टीम लेकर पहुंची। तभी चौपड़ा गांव के बुजुर्ग जवाहर सिंह ने हिम्मत दिखाते हुए नदी में कूदकर युवक को निकाला। रेस्क्यू टीम से ट्यूब लेकर बुजुर्ग गए, लेकिन उसकी जरूरत नहीं पड़ी, वह उसे पकड़कर बाहर ले आए। रेस्क्यू के बाद बाहर आए युवक पंचम सिंह ने बताया कि वह खुरई से पठारी आ रहा था। नदी के पुल पर एक फीट पानी भा। जिसमें वह निकला, जिससे पैर फिसल गया और नदी की धारा में बह गया।

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