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प्री मानसून बारिश ने भोपाल की फिजा में ठंडक घोल दी

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भीषण गर्मी की मार झेल रहे शहर का तापमान करीब 17 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। प्री मानसून बारिश ने भोपाल की फिजा में ठंडक घोल दी गुरुवार तक शहर का अधिकतम तापमान 42 डिग्री के आसपास चल रहा था। दोपहर 12 बजे के करीब शहर का अधिकतम तापमान 36. 3 डिग्री रहा। इसके बाद मौसम का मिजाज बदला और घने बादलों ने पारे की रफ्तार को थाम दिया। वहीं, बागसेवनिया में दीवार ढहने से एक महिला की मौत हो गई।

– मौसम विभाग के अनुसार दोपहर ढाई बजे शहर का तापमान 25 डिग्री दर्ज किया गया। जो जून के महीने में एक रिक़ॉर्ड है। शाम छह बजे तक 15.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

– शुक्रवार को जोरदार बारिश के बाद शनिवार को दोपहर एक बजे से शहर के कुछ इलाकों में जमकर बारिश हुई।

– शनिवार सुबह से ही राजधानी में बादल छाए हुए थे। करीब सुबह नौ बजे के बाद धूप निकली औऱ उमस ने लोगों को परेशान कर दिया। 12.30 बजे के बाद मौसम ने एक बार फिर करवट ली और 1 बजे जमकर बारिश शुरू हो गई।

– दो दिन से रही बारिश से शहर के तापमान में भी खासी गिरावट दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान के साथ न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। करीब तीन महीने बाद पहली बार 26.4 डिग्री दर्ज किया गया।

– वहीं शुक्रवार को सिर्फ डेढ़ घंटे में ही पारा 10 डिग्री तक लुढ़क गया था । यहां दोपहर करीब 2 बजे तापमान 40 डिग्री था। यह डेढ़ घंटे बाद 3.30 बजे 30 डिग्री पर पहुंच गया था।

बागसेवनिया में दीवार ढहने एक महिला की मौत

– बागसेवनिया स्थित राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान के मंच की दीवार ढहने से एक महिला सफाई कर्मचारी उसमें दब गई। घायल महिला की इलाज के दौरान देर रात अस्पताल में मौत हो गई। हादसे में उसका डेढ़ साल का बेटा बाल-बाल बच गया। मृतका शुक्रवार दोपहर आई आंधी तूफान से बचने के लिए दीवार की आड़ में बेटे के साथ बैठ गई थी।

– एसआई बागसेवनिया राजकुमार दांगी के अनुसार 30 वर्षीय माया पत्नी आशीष कुमार संस्थान में सफाई कर्मचारी थी। संस्थान के परिसर में भरत मंडपम मुक्ताकाश मंच नाम से ओपन ऑडीटोरियम है। इस मंच के पीछे एक दीवार बनी हुई है।

– शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे आंधी आने पर माया इसी दीवार के पास बैठ गई। कुछ देर बाद आंधी के कारण दीवार ढह गई। मलबे में दबी माया को लोगों ने निकालकर तत्काल जेपी अस्पताल पहुंचाया। हालत बिगड़ने पर उसे जेपी अस्पताल से हमीदिया अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई।

शुक्र है डेढ़ साल का मासूम बच गया
– हादसे के दौरान माया अपने डेढ़ साल के बेटे के साथ थी। वह आंधी से बचने के लिए दीवार के सहारे बैठ गई। लोगों ने जब उसे बाहर निकाला तो उसका बच्चा उसके नीचे था। माया के सिर पर गंभीर चोट आई थी। मां की आड़ में होने के कारण बेटा बच गया।

इन दाे रास्तों से आएगा मानूसन

1. मुंबई, सूरत, जलगांव, अमरावती, नागपुर, गोंदिया से बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा।

2. गुजरात के भरूच से बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला।

ऐसे पता चलता है मानसून आ गया

– करीब तीन किमी ऊपर हवा में 90 फीसदी नमी होना चाहिए।

– मौजूदा हवा का रुख बदलकर दक्षिण-पश्चिमी होना चाहिए।

– एक या दो दिन लगातार ज्यादा मात्रा में पानी बरसना चाहिए।

और बिजली गुल होना शुरू

– लगभग तीन महीने पहले से चल रहे बिजली विभाग के मानसून पूर्व हुए मैंटेनेंस की पोल खल दी। भोपाल में अभी प्री मानसून की बारिश से ही कितना मैंटेंनेस हुआ सामने आ गया।

– शुक्रवार को जैसे ही बारिश शुरू हुई थी शहर के कई इलाकों में बिजली बंद हो गई थी। बिजली विभाग देर रात तक सप्लाई बहाल नहीं कर सका था।

– शनिवार को दोपहर बाद हुई बारिश के बाद फिर कई इलाकों के बिजली सप्लाई ठप हो गई।

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