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बड़े तालाब को भरने वाली कोलांस नदी की धार भी टूट गई तालाब का जल स्तर 1658.05 से घटकर 1658.00 फीट रह गया

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पिछले नौ दिन से बारिश थमी हुई है। इस वजह से बड़े तालाब को भरने वाली कोलांस नदी की धार भी टूट गई। इसका असर बड़े तालाब पर भी पड़ा। तालाब का लेवल बढ़ने के बाद सीजन में पहली बार कम हुआ है। शनिवार को तालाब का जल स्तर 1658.05 से घटकर 1658.00 फीट रह गया।

इस बार अगस्त में अब तक एक दिन भी बारिश नहीं हुई। शहर में 27 जुलाई से बारिश थमी है। जुलाई में 352.9 यानी 14.11 इंच मिमी बारिश हुई। महीने में 6 से 26 तारीख तक 20 दिन पानी बरसा। कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश होती रही। इन बीस दिनों के 480 घंटे में से सिर्फ 72 घंटे में ही 14.11 इंच पानी बरस गया था। लगातार बारिश होने से इन 20 दिनों में तालाब का जल स्तर भी 7 फीट से ज्यादा बढ़ा था।

पिछले साल से 7 फीट से ज्यादा बढ़ा फिर भी 0.50 फीट कम : इस बार बड़े तालाब का लेवल सीजन में पिछले साल से करीब दोगुना ज्यादा बढ़ा। इसके बावजूद जल स्तर पिछले साल की तुलना में 0.50 फीट कम है। पिछले साल 70 फीसदी बारिश होने से सिर्फ पूरे सीजन में तालाब का जल स्तर सिर्फ 3 फीट ही बढ़ सका था।
पिछले 9 दिन से सुबह चल रही है 30 किमी रफ्तार से ठंडी हवा : पिछले 9 दिन से शहर में सुबह के वक्त 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवा चल रही है। इस वजह से रात का तापमान भी 23- 24 डिग्री के बीच बना हुआ है। हवा की यह रफ्तार दोपहर में तीन बजे के बाद कुछ कम और शाम को सूरज ढलने के बाद और कम हो जाती है।
इसकी यह है वजह :वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला ने बताया कि लोअर और हायर प्रेशर के बीच के अंतर को प्रेशर ग्रेडिएंट कहते हैं। यह प्रेशर ग्रेडिएंट जितना ज्यादा होगा हवा की तीव्रता उतनी ज्यादा रहेगी। हवा का प्रेशर 990 हेक्टा पाक्सल यूनिट- एचपीए यानी मिली बार से लेकर 1010 एचपीए के बीच बना हुआ है। इससे तापमान कम होता है, नमी भी 90 फीसदी से ज्यादा है तो सुबह के वक्त तापमान आैर कम है। इस वजह से ठंडी हवा चल रही है।

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