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मध्यप्रदेश की गुना सीट पर पहली बार सिंधिया परिवार के किसी सदस्य को हार का सामना करना पड़ रहा

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इस बार लोकसभा चुनाव में 3 चौंकाने वाले नतीजे सामने आए। पहला नतीजा अमेठी का है। यहां परिणाम घोषित होने से पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने हार मान ली। उन्होंने केंद्रीय मंत्री और भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी को जीत की बधाई दी। 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद स्मृति लगातार अमेठी में डटी रहीं। राहुल की अमेठी से गैरमौजूदगी को भी उन्होंने चुनावी मुद्दा बनाया। उधर, मध्यप्रदेश की गुना सीट पर पहली बार सिंधिया परिवार के किसी सदस्य को हार का सामना करना पड़ रहा है। यहां ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ भाजपा के केपी यादव करीब सवा लाख वोटों से आगे हैं।

राहुल ने कहा- स्मृति अमेठी का प्यार से ख्याल रखें
राहुल गांधी ने कहा, ‘‘अमेठी के नतीजे पर मैं कहना चाहूंगा कि स्मृति ईरानीजी जीती हैं, उन्हें मैं बधाई देना चाहता हूं। अमेठी की जनता ने अपना फैसला दिया है, मैं उस फैसले का सम्मान करता हूं। यह लोकतंत्र है। मैं चाहता हूं कि स्मृति ईरानीजी प्यार से अमेठी की जनता की देखभाल करें और जो भरोसा अमेठी की जनता ने उन पर जताया है, उसे वो पूरा करें।’’

अमेठी में दूसरी बार हारा गांधी परिवार का सदस्य
1967 से अमेठी सीट पर लोकसभा चुनाव हो रहे हैं। तब से अब तक 11 बार यह सीट कांग्रेस ने जीती। अमेठी से संजय गांधी एक, राजीव गांधी तीन, सोनिया एक और राहुल गांधी तीन बार चुनाव जीते। भाजपा की स्मृति ईरानी 2014 के चुनाव में राहुल गांधी से एक लाख वोटों से हार गई थीं, लेकिन 2019 में वे जीत की ओर बढ़ रही हैं। राहुल अमेठी से हारने वाले गांधी परिवार के पहले सदस्य नहीं हैं। इससे पहले 1977 के चुनाव में संजय गांधी यहां भारतीय लोक दल के कैंडिडेट रवींद्र प्रताप सिंह से हार गए थे।

गुना में 62 साल से सिंधिया परिवार का सदस्य नहीं हारा था
सिंधिया परिवार 1957 से चुनावी राजनीति में हैं। बात गुना सीट की करें तो यहां पर सिंधिया परिवार के सदस्य को अब तक कभी हार नहीं मिली थी। 1952, 1962 और 1984 में सिंधिया परिवार का सदस्य इस सीट से चुनाव नहीं लड़ा था। राजमाता विजयाराजे सिंधिया एक बार चुनाव जरूर हारी थीं, लेकिन मध्यप्रदेश से नहीं, रायबरेली से।

लोकसभा चुनाव कौन जीता पार्टी
1957 विजया राजे सिंधिया कांग्रेस
1967 विजया राजे सिंधिया निर्दलीय
1971 माधव राव सिंधिया जनसंघ
1977 माधव राव सिंधिया निर्दलीय
1980 माधव राव सिंधिया कांग्रेस
1989 विजया राजे सिंधिया भाजपा
1991 विजया राजे सिंधिया भाजपा
1996 विजया राजे सिंधिया भाजपा
1998 विजया राजे सिंधिया भाजपा
1999 माधव राव सिंधिया भाजपा
2004 ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस
2009 ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस
2014 ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस

भोपाल पर लगातार 8वीं बार भाजपा का कब्जा
भाजपा ने अपनी परंपरागत सीट भोपाल एक बार फिर बरकरार रखी है। कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह के खिलाफ भाजपा की साध्वी प्रज्ञा अजेय बढ़त बनाए हुए है। भाजपा यहां 1989 से अब तक कोई लोकसभा चुनाव नहीं हारी है। प्रज्ञा की जीत के साथ ही 8वीं बार यहां भाजपा का कब्जा हो जाएगा।

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