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मध्य प्रदेश के कुछ जिलों को छोड़कर प्रदेश के बाकी जिलों में एक बार फिर अच्छी बारिश के आसार बन रहे हैं

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पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों को छोड़कर प्रदेश के बाकी जिलों में एक बार फिर अच्छी बारिश के आसार बन रहे हैं। लेकिन, इसके लिए आपको एक सप्ताह इंतजार करना होगा। बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम एक्टिव हो गया है। मंगलवार-बुधवार तक ये मध्य प्रदेश के पूर्वी जिलों तक पहुंच जाएगा। शुक्रवार को ये भोपाल में एक्टिव हो जाएघा। इसके बाद अगले तीन दिन राजधानी में तेज बारिश की संभावना है।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल मध्यप्रदेश में बना सिस्टम राजस्थान की ओर जा रहा है। इससे मध्यप्रदेश के अन्य क्षेत्रों में बारिश कम हो गई है, लेकिन पश्चिमी मध्यप्रदेश में एक्टिविटी बढ़ गई है। शनिवार को भी बारिश के आसार है। दो दिन बाद अरब सागर में बना सिस्टम रतलाम में पहुंच जाएगा। इससे आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। उत्तरी मप्र, इलाहाबाद से होती हुई बंगाल की खाड़ी तक मानसून ट्रफ लाइन गुजर रही है। इससे शुक्रवार व शनिवार को तो हल्की बारिश की संभावना है। रविवार रात से ही तेज बारिश हो सकती है। यह दौर तीन दिन तक जारी रह सकता है।

यहां आज भी बारिश की संभावना:रतलाम में तीन दिन से शहर में छाए बादल शुक्रवार को बरसे। अलसुबह से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला रात तक चला। दिनभर में शहर में 1 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। शनिवार को भी बारिश की संभावना है। बारिश का सिलसिला रात से शुरू हो गया था। शुक्रवार को तेज बारिश हुई तो कभी फुहारें, दोपहर में कुछ देर के लिए मौसम खुला लेकिन शाम को फिर बूंदाबांदी होने लगी।

पूर्वी मध्य प्रदेश के नदी-नाले उफान परःबारिश का दौर भले ही कुछ थम सा गया है। लेकिन नदी-नाले अभी भी उफान पर हैं। दमोह के माला जलाशय भारी बारिश के कारण 21 फीट तक लबालब भर गया है। जिससे पानी ओवरफ्लो होने से चक्र शुरू हो गया। वहीं जनपद की इकलौती शून्य नदी के पुल के उपर से बह रही है।

रास्ते अभी भी बंद: बेगमगंज में बारिश के कारण रतनहारी के पास नाले पर बना रपटा क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे मार्ग अवरुद्ध हो गया है, लेकिन विभाग एवं ठेकेदार द्वारा मरम्मत कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। मार्ग बंद होने से लगभग 30 गांव के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

चंबल-पार्वती उफान पर:श्योपुर में जिले में 12 घंटे में कुल 56 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस बारिश के कारण चंबल-पार्वती नदी सहित अन्य छोटी नदियों में उफान आ गया। श्योपुर के अलावा मालवा अंचल में बारिश होने से पार्वती नदी उफान पर आ गई। इसका पानी श्योपुर-खातौली मार्ग के पुल पर आ गया। पुल पर तीन फीट तक पानी होने से श्योपुर का संपर्क राजस्थान के खातौली (जिला कोटा) से कट गया है।

वीरपुर एवं हनुमान बांध में बढ़ा पानी तो रीचार्ज होने लगे नलकूप:ग्वालियर में बाढ़ नियंत्रण के लिए शहर के चारों ओर बनाए गए बांधों में पानी भरा है। दो दिन की बारिश से वीरपुर बांध में जल स्तर 12 फीट हो गया है। इन बांधों की जमीन पर अतिक्रमण के कारण पिछले कई वर्षों से पानी नहीं भर पा रहा था। कोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने दो माह पहले इन बांधों की जमीन से अतिक्रमण हटवाकर पानी निकलने के रास्ते खोले थे। इसके अलावा वीरपुर बांध, मामा का बांध, हनुमान बांध और रमौआ बांध में भी पानी आने से आस-पास के क्षेत्र के सूखे नलकूपों में पानी आना शुरू हो गया है

24 घंटे में यहां हुई बारिश :भोपाल- .2, होशंगाबाद-1, बैतूल- 3.2, पचमढ़ी-4, रतलाम-28.4, सीधी-5.6, इंदौर-1.2, गुना-2.9, उज्जैन-1, सागर – .5, रायसेन- 2.8, खजुराहो- 7.2, ग्वालियर-.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

सितंबर तक मानते हैं मानसून :प्रदेश में मानसून का पीरियड सितंबर तक माना जाता है। पिछले साल 30 अगस्त तक 26 इंच पानी गिरा था, जबकि यह आंकड़ा 30 इंच के आसपास होना चाहिए था। सितंबर में नाममात्र का पानी गिरता है। पिछले साल सितंबर तक भी 33 इंच तक पानी बमुश्किल पहुंच पाया था।

6 बच्चों की मौत से भी नहीं लिया सबकः बच्चे रायसेन बायपास निर्माण के लिए निकाली गई मुरुम से हुए गड्‌ढों में भरे पानी अपनी जान जोखिम में डालकर रोज नहा रहे हैं। बायपास सड़क निर्माण के लिए ठेकेदार कंपनी ने यहां से बड़ी मात्रा में पत्थर और मुरुम मशीनों से निकाल लिया। इसके चलते यहां दस से पंद्रह फीट गहरे गड्‌ढे बन गए हैं। इतना ही नहीं गड्‌ढों के आसपास भारी पत्थर भी पड़े हुए हैं, जिनके फिसलने से भी किसी की जान जा सकती है। इन गड्‌ढों में बारिश का पानी भर जाने से बच्चें इनमें नहाने के लिए रोज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। गौरतलब है कि पानी से भरे गड्ढों में डूबकर जिले में एक सप्ताह में ही 6 बच्चों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी स्थानीय पुलिस और प्रशासन अनजान बना हुआ है।

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