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मध्य प्रदेश में इस सीजन के पहले सबसे स्ट्रांग मानसूनी सिस्टम सक्रिय

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राजधानी में दोपहर 12 बजे से रुक-रुककर झमाझम का दौर जारी है। बारिश से कई स्थानों पर जलभराव हो गया है। ज्योति टॉकीज, बोर्ड ऑफिस चौराहा, भारत टॉकीज, हमीदिया रोड, भोपाल टॉकीज रोड पर ट्राफिक जाम के हालात हैं। आज दिनभर में शहर में 25.8 (जिले में 16.3) मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

इस सीजन की सबसे स्टांग सिस्टम:मौसम विभाग के अनुसारमध्य प्रदेश में इस सीजन के पहले सबसे स्ट्रांग मानसूनी सिस्टम सक्रिय है। सीजन में यह पहली बार हुआ, जब पूरे प्रदेश में एकसाथ बारिश हुई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मंगलवार को भोपाल, उज्जैन, इंदौर, होशंगाबाद संभागों के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।

हवा के ऊपरी हिस्से में 7.6 किमी की ऊंचाई तक चक्रवाती हवा का घेरा: वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला ने बताया कि अति कम दबाव का क्षेत्र जो झारखंड में था, वह मप्र के रीवा-शहडोल संभाग सहित उत्तर-पूर्वी हिस्से में शिफ्ट हो गया है। यहीं पर हवा के ऊपरी हिस्से में 7.6 किमी की ऊंचाई तक चक्रवाती हवा का घेरा बना हुआ है। यह ऊंचाई के साथ दक्षिणी भाग की ओर झुका हुआ है। इसके दक्षिणी भाग में जो भी जगह आएंगी, वहां भारी बारिश होगी। इनमें से एक-दो जगह 15 से 20 सेमी बारिश होने की संभावना भी है।

 क्यों है यह सबसे स्ट्रांग सिस्टम: शुक्ला के मुताबिक इस सीजन में अभी तक जो भी सिस्टम आए थे, वे मप्र आने से पहले ही खत्म हो गए थे या मप्र में आकर कमजोर हो गए थे। इन सिस्टमों का घेरा भी हवा के ऊपरी भाग में सिर्फ 1.5 किमी तक ही बना था। अति कम दबाव का क्षेत्र यानी वेल मार्क लो ऐसा पहला सिस्टम है, जो 7.6 किमी तक बना है।
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