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मनु भाकर की पहचान दुनिया में एक बेहतरीन निशानेबाज के तौर पर

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मनु भाकर 12वीं क्लास में पढ़ती हैं, और दो साल पहले तक वह बाक्सिंग, कराटे और अन्य खेलों में हिस्सा लेती थीं, लेकिन इन सबसे अलग आज उनकी पहचान दुनिया में एक बेहतरीन निशानेबाज के तौर पर है। ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में राष्ट्रमंडल खेलों में उन्होंने ऐसा निशाना साधा कि गोल्ड मेडल उनकी झोली में आ गिरा। इस साल सीनियर वर्ल्ड कप में एक नहीं दो-दो गोल्ड मेडल उन्होंने जीते। इसके साथ ही वह सीनियर लेवल पर ये कारनामा करने वाली देश की सबसे छोटी गोल्डन गर्ल बन गईं।

पढ़िए मनु भाकर से बातचीत, उन्हीं की जुबानी…

– “वैसे तो मैं पहले बॉक्सिंग, कराते, एथलेटिक्स और लॉन टेनिस में हिस्सा लिया करती थी, लेकिन इन खेलों में ज्यादा मन नहीं लगा तो शूटिंग में हाथ आजमाने का मन किया और पहला ही निशाना गोल पर लगा। मैं कभी भी कोई गोल बना कर नहीं चलती। मुझे यह भी नहीं पता होता है कि मुझे आगे क्या करना है। बस चलती जाती हूं। एशियन गेम्स की तैयारी हो रही है, नहीं पता सफलता मिलेगी या नहीं। बस अच्छा करना है।” खुद पर बायोग्राफी के सवाल पर 16 वर्षीय मनु भाकर कहती हैं, “हां, यह बात हमेशा दिमाग में आती है कि मैं भी वह मुकाम हासिल करूं, जिससे मेरी लाइफ पर फिल्म बने। फिल्म बनती है तो वह किस एक्ट्रेस को अपने रोल में देखना पसंद करेंगी। इस पर कहतीं हैं कि ऐसा कोई नाम मेरे जहन में नहीं है वैसे (हंसते हुए) मुझे एक्टिंग का शौक है।”

हिना एक अच्छी शूटर हैं कोई अनबन नहीं :उनके सिलेक्शन पर हिना सिद्धू की नाराजगी और अनबन के सवाल पर वे कहतीं हैं कि मैं देश के बाहर थी। इसलिए इस बारे में मुझे कुछ नहीं पता है। वैसे मैं टीवी और न्यूज ज्यादा नहीं देखती हूं, जहां तक अनबन की बात है तो हमारे बीच ऐसी कोई अनबन नहीं है हिना अच्छी शूटर हैं। मैं वैसे भी दूसरों से सीखने का प्रयास करतीं हूं।

– खेल के दौरान के तनाव को दूर रखने के लिए मनु योग और मेडिटेशन करती हैं। मेडिटेशन का सिलसिला शूटिंग कैंप में ही नहीं घर पर भी जारी रहता है। स्केटिंग करना, इंस्प्रेशनल स्टोरी बुक पढ़ना, रियलिटी बेस्ड मूवी देखना और गाने सुनना सबसे ज्यादा पसंद है।
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