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मानसूनअगले दो-तीन दिन में मध्यप्रदेश में दस्तक दे सकता है

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दक्षिण- पश्चिम मानसूनअगले दो-तीन दिन में मध्यप्रदेश में दस्तक दे सकता है। स्थानीय मौसम विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक जीडी मिश्रा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से सक्रिय हुआ मानसून गुरुवार को छत्तीसगढ़ पहुंच गया है तथा अगले दो-तीन दिन में मध्यप्रदेश में भी मानसूनी बारिश होने का अनुमान हैं।

मानसून शहडोल संभाग के अनूपपुर और डिंडोरी जिलों से मध्यप्रदेश में प्रवेश कर सकता है तथा इसके दो दिन बाद राजधानी भोपाल तक पहुंचने की उम्मीद है। इसी के साथ अरब सागर से भी मानूसन उठ रहा है और इसके भी मध्यप्रदेश में शीघ्र आमद देने की संभावना है। 26 या 27 जून को इंदौर, भोपाल और 29 या 30 जून तक इसके ग्वालियर पहुंचने की संभावना है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला ने बताया कि पिछले पांच साल के ट्रेंड के अनुसार मानसून के मप्र में प्रवेश करने के बाद भोपाल पहुंचने में 1 से लेकर 5 दिन का ही समय लगता है। सिर्फ 2014 में ही एक बार ही इसे भोपाल पहुंचने में 17 दिन लगे थे। वजह यह थी कि मानसून ब्रेक से इसकी प्रोग्रेस रुक गई थी। शुक्ला के अनुसार मानसून ने दक्षिणी मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों, कर्नाटक के अधिकांश हिस्से, पूरे तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना के अधिकांश हिस्सों, छत्तीसगढ़ के दक्षिण भाग को कवर कर लिया है। यह ओडिशा, बंगाल की खाड़ी से पश्चिम बंगाल के अधिकांश इलाकों, झारखंड बिहार के कुछ क्षेत्रों में भी पहुंच गया है।

ये मौसमी सिस्टम भी बने, जो मानसून के लिए अनुकूल 

  • हवा के कम दबाव का क्षेत्र उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे लगे बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल में बन चुका है। हवा के ऊपरी भाग में 7. 6 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती हवा का घेरा बना है।
  • उत्तर पश्चिम राजस्थान से लेकर इस कम दबाव के क्षेत्र के बीच एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। यह पूर्वी राजस्थान, दक्षिणी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड एवं गैंगैटिक पश्चिमी बंगाल से होकर गुजर रही है।
  • 1.5 किलोमीटर ऊंचाई पर हवा के ऊपरी हिस्से में हरियाणा और उसके आसपास चक्रवात बना हुआ है।
  • गुरुवार को कहां कितना रहा तापमान
शहर अधिकतम न्यूनतम
भोपाल 39.8 27.4
इंदौर. 36.7 25.2
ग्वालियर 39.3 26.5
जबलपुर 36.5 29.6
रीवा  33.0 27.0
सतना 31.7 29.0
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