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मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उन्नाव दुष्कर्म केस की पीड़िता की मां और उनके परिजनों को मप्र में बसने का निर्णय लेने का आग्रह किया

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उत्तर प्रदेश के उन्नाव दुष्कर्म मामले को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दिल्ली ट्रांसफर कर दिया गया है। अब इस मामले में मध्य प्रदेश ने हस्तक्षेप किया है, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उन्नाव दुष्कर्म केस की पीड़िता की मां और उनके परिजनों को मप्र में बसने का निर्णय लेने का आग्रह किया है। कमलनाथ ने कहा है कि, “उन्नाव दुष्कर्म मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला स्वागत योग्य। यूपी को असुरक्षित मान छोड़ने का निर्णय ले चुकी पीड़िता की मां और उनके परिजनों से मैं अपील करता हूं कि वे सभी मध्यप्रदेश आकर बसने का निर्णय लें। हमारी सरकार आपके पूरे परिवार को  सम्पूर्ण सुरक्षा प्रदान करेगी।”

बच्ची का बेहतर इलाज कराएंगे 
कमलनाथ ने दूसरे ट्वीट में कहा है, “बच्ची का हम बेहतर इलाज कराएंगे। उसकी बेहतर शिक्षा से लेकर सम्पूर्ण दायित्व हम निभायेंगे। किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं होने देंगे। दिल्ली केस ट्रांसफ़र होने पर आपके दिल्ली आने- जाने की भी पूर्ण व्यवस्था करेंगे। बच्ची का प्रदेश की बेटी की तरह हम ख़याल रखेंगे।” लड़की से 2017 में सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। आरोप है कि विधायक सेंगर और अन्य ने नौकरी दिलाने के बहाने लड़की से दुष्कर्म किया। पीड़िता उस वक्त नाबालिग थी। बाद में पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। आरोप है कि उसके पिता से विधायक ने ही मारपीट की थी। पिता की मौत के बाद पीड़िता ने लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह की कोशिश की थी। इसके बाद एसआईटी को जांच सौंपी गई थी। अभी जांच सीबीआई के पास है। बुधवार को भाजपा ने विधायक सेंगर को पार्टी से निष्कासित कर दिया। सेंगर अभी सीतापुर की जेल में है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म मामले की जानकारी ली। सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि दुष्कर्म से जुड़े मामले में 4 एफआईआर हुई थीं। ये आरोपियों और पीड़ित पक्ष ने एकदूसरे के खिलाफ दर्ज कराई हैं। पांचवीं एफआईआर रायबरेली में हुए कार एक्सीडेंट से जुड़ी है। पांच में से तीन मामलों में चार्जशीट दायर हो चुकी है।

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