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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दीदी कहकर आदर देता हूं। वह मुझे थप्पड़ मारना चाहती हैं तो वह भी खा लूंगा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के बांकुरा और पुरुलिया में जनसभाएं कीं। उन्होंने कहा कि मैं तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दीदी कहकर आदर देता हूं। वह मुझे थप्पड़ मारना चाहती हैं तो वह भी खा लूंगा। यह मेरे लिए आशीर्वाद होगा। ममता ने इस बयान पर कहा कि वह लोकतंत्र के थप्पड़ की बात थी। भाषा को समझिए। उन्होंने कहा- मैं भला आपको क्यों थप्पड़ मारूंगी? मैं वैसी महिला नहीं हूं। लोकतंत्र के थप्पड़ का मतलब जनादेश से था।

आरोप साबित हुए तो सभी 42 सीटों से उम्मीदवार वापस ले लूंगी- ममता
मोदी के आरोपों पर ममता ने चेतावनी दी- आप कहते हैं कि तृणमूल के उम्मीदवार कोयला माफिया हैं। मैं आपको चेतावनी देती हूं। आप अगर मेरे एक भी कैंडिडेट के खिलाफ इन आरोपों को सही साबित कर दें तो मैं बंगाल की सभी 42 सीटों से अपने उम्मीदवार वापस ले लूंगी। मोदी मेरे उम्मीदवारों पर लगाए आरोप साबित नहीं कर पाए तो उन्हें जनता के सामने कान पकड़कर उठक-बैठक लगानी होगी।

ममता ने 7 मई को पुरुलिया में कहा था कि पैसा मेरे लिए मायने नहीं रखता। वे (मोदी) यहां आकर मेरी पार्टी पर तोलाबाजी का आरोप लगा रहे हैं। मैं उन्हें लोकतंत्र का थप्पड़ मारना चाहती हूं।

विश्वासघात दीदी को ले डूबेगा-मोदी
बांकुरा में मोदी ने कहा- दीदी कितनी परेशान हैं, उसका अंदाजा उनकी भाषा से लगाया जा सकता है। वे अब मेरे लिए पत्थरों और थप्पड़ों की बात करती हैं। मुझे तो गालियों की आदत है, लेकिन बौखलाहट में दीदी देश के संविधान का भी अपमान कर रही हैं। पश्चिम बंगाल के लोगों के साथ किया गया यह विश्वासघात ही दीदी को ले डूबेगा। इस माहौल में जिस शक्ति के साथ आप टीएमसी के गुंडों के सामने खड़े हो रहे हैं, उसकी पूरे देश में चर्चा है। दीदी के अत्याचार ही उनके शासन को उखाड़ फेंकने का काम कर रहे हैं। दीदी की पार्टी वाले तो मनरेगा को नहीं छोड़ रहे। जॉब कार्ड गरीबों का अधिकार है, लेकिन उसे भी टीएमसी के तोलेबाजों ने दबाकर रखा है। ये लोग गरीबों के निवाले की भी चोरी करते हैं।

‘लोगों की चिंता करें दीदी’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘दीदी को उन बेटियों के गुस्से की चिंता करनी चाहिए, जिनके साथ आए दिन यहां अत्याचार होते हैं। उन युवा साथियों के गुस्से की चिंता करनी चाहिए, जिनको परीक्षा पास करने के बावजूद नौकरी नहीं मिली। उन कर्मचारियों के गुस्से की चिंता करनी चाहिए, जिनको सैलरी नहीं मिलती, डीए नहीं मिल रहा। 7वें पे कमीशन के हिसाब से वेतन नहीं मिल रहा। दीदी को उन कालीभक्तों, सरस्वतीभक्तों, दुर्गाभक्तों, रामभक्तों के गुस्से की चिंता करनी चाहिए, जिनको पूजा भी डर-डरकर करनी पड़ती है।’’

‘‘दीदी के मन में घुसपैठियों के लिए, विदेशी कलाकारों के लिए ममता है, लेकिन आदिवासी और जो राष्ट्र की सुरक्षा में भूमिका निभा रहे हैं, उनके लिए कोई ममता नहीं। जब हमारे सपूतों ने पाकिस्तान के आतंकियों को घर में घुसकर मारा, तो दीदी ने आतंकियों की लाशें दिखाने की मांग की। जब पूरा देश सर्जिकल स्ट्राइक डे मना रहा था, तो पश्चिम बंगाल की सरकार ने ऐसा करने से इनकार कर दिया।’’

‘गणतंत्र को गुंडातंत्र में बदला’
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में मोदी ने कहा- जिस तरह आप यहां दीदी की सत्ता के विरोध में उठ खड़े हैं, उसने दीदी की जमीन खिसका दी है। मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता आपके साथ है। पूरा देश आपके साथ है। पहला धक्का 23 मई को लगेगा और फिर दीदी की दमनकारी सत्ता का पतन शुरु हो जाएगा। 23 मई के बाद भारत का संविधान सभी का हिसाब करेगा। देश का लोकतंत्र सभी का हिसाब चुकता करेगा।

‘‘मैं आपको आश्वासन देने आया हूं कि जिन घुसपैठियों को दीदी और टीएमसी ने अपना काडर बनाया है, उनकी चुन-चुनकर पहचान होगी। जो यहां हमारी बेटियों को परेशान करते हैं, हमारे सभ्य बंगाली मानुष को परेशान करते हैं, उनकी पहचान की जाएगी। कहते हैं पुरुलिया जो आज सोचता है, वही पश्चिम बंगाल की सोच बन जाती है। जिन्होंने यहां गणतंत्र को गुंडातंत्र में बदला है, उनके दिन अब गिनती के रह गए हैं। आज देश में मोदी को गाली देने का बहुत बड़ा अभियान चल रहा है। पांच चरणों में देश ने एकमत होकर जो मतदान किया है, उससे महामिलावटी दल हताश हो चुके हैं। आपके इस प्यार को मैं ब्याज समेत विकास करके लौटाऊंगा।’’

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