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मौसम विभाग ने प्रदेश के 18 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी

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प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश का दौर दूसरे दिन भी जारी रहा। मौसम विभाग ने प्रदेश के 18 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। सीहोर में आज दिनभर से जोरदार बारिश हो रही है। यहां नदी में एक युवक के बह जाने की खबर है। सीहोर में हो रही बारिश से भोपाल के बड़े तलाब का जलस्तर भी अब आज रात से बढ़ने लगेगा। गुरुवार को भोपाल में 4.6 मिमी बारिश हुई। मौसम विभाग ने इस सीजन में अबतक कुल 77.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की है।  पूरे मध्य प्रदेश पर इस समय एक साथ तीन सिस्टम सक्रिय हैं। मौसम विभाग ने अगले दो दिन भारी बारिश की चेतावनी दी है। कई जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है।  सीहोर में दिन भर से हो रही तेज बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। यहां नदी में बाढ़ आ जाने से एक युवक के बह जाने की खबर है।

गुरुवार को कहां कितनी हुई बारिश

– इंदौर 4.8, सतना 5.0, गुना 17.0, उज्जैन 7.0, शाजापुर 7.0, सागर 8.0, दमोह 3.0, नौगांव 9.0, ग्वालियर 5.1, होशंगाबाद 9.0, जबलपुर 4.0, खजुराहो 18.0, बैतूल 1.0

इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

– छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मण्डला, जबलपुर, अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी, रायसेन, विदिशा, सीहोर होशंगाबाद, बैतूल, शाजापुर, रतलाम, नीमच, मंदसौर, एवं गुना।

यहां होगी गरज-चमक के साथ बारिश

– जबलपुर, होशंगाबाद, उज्जैन, इंदौर शहडोल, ग्वालियर संभाग तथा सीहोर राजगढ़ भोपाल रायसेन, सागर, रीवा और सागर।

क्या कहते हैं वैज्ञानिक

– भोपाल में यह तय समय 13 जून से 14 दिन बाद पहुंच सका। चार साल बाद मानसून यहां इतना लेट हुआ है। इससे पहले 2014 में मानसून 7 जुलाई को भोपाल पहुंचा था।  बुधवार को राजधानी समेत पूरे प्रदेश में बारिश हुई। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला के अनुसार भोपाल में बारिश का सालभर का कोटा 109 सेमी है। 2017 में यहां 72 सेमी (34 फीसदी कम) बारिश हुई थी।

– अनुमान है कि इस बार 100 फीसदी बारिश होगी। उन्होंने बताया कि अगले दो-तीन दिन भोपाल समेत पूरे प्रदेश में तेज बारिश हो सकती है।

ये हैं वो तीन सिस्टम

– ओडिशा के समुद्री और बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में हवा में 7.6 किमी तक चक्रवात बना है।  राजस्थान से उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक 1.5 किमी ऊपर ट्रफ लाइन बनी है।  गुजरात व मप्र में 2.1 से 4.5 किमी ऊपर चक्रवात बना है। तीनों सिस्टम का असर होगा। तेज बारिश के आसार।

क्या कहता है ज्योतिषिय पक्ष

अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं ज्योतिषाचार्य डॉ. राजेश मिश्रा के अनुसार सूर्य का बारिश के नक्षत्र आद्रा में प्रवेश 22 जून को हुआ है।
– आद्रा प्रवेश के समय कन्या लग्न व ग्रह स्थिति से पश्चिम दिशा के प्रांतों में उत्तम वृष्टि के योग है।
– इस बार अच्छी बारिश होने के इसलिए भी योग बन रहे हैं, क्योंकि रोहिणी का वास समुद्र तट पर, समय का वास धोबी के घर और पानी बरसाने वाले मेघ के पति इस बार गुरु हैं। यह स्थिति उत्तम वर्षा के लिए श्रेष्ठ व सक्षम मानी जाती है।  डॉ. राजेश मिश्रा के अनुसार 26 जून से मंगल भी वक्रीय हुआ है। इस कारण जो हालत बन रहे हैं उसके अनुसार प्रदेश के कई जिलों में अति वर्षा तो कही खंड वर्षा के योग बन रहे हैं। कई जिलों में सामान्य से भी कम बारिश हो सकती है।

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