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युवतियों को अपने मोबाइल फोन पर अश्लील फिल्में दिखाता था अश्वनी

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मूक-बधिर युवती से ज्यादती व छेड़छाड़ के आरोपी अश्वनी शर्मा की करतूतों की शिकार बनी चौथी युवती का पुलिस को इंतजार है। अब तक सामने आ चुकी तीनों युवतियों ने साइन लेंग्वेज के जरिए दिए बयान में एक अन्य युवती का भी शारीरिक शोषण होने की बात पुलिस को बताई है।

साइन लेंग्वेज एक्सपर्ट मोनिका पुरोहित ने बताया कि फिलहाल वह चौथी युवती सामने नहीं आई है। उसके आने के बाद ही पता चलेगा कि अश्वनी ने उसके साथ किस स्तर तक शारीरिक शोषण किया था। ये जरूर है कि आरोपी इन युवतियों को अपने मोबाइल फोन पर अश्लील फिल्में दिखाता था। पूरे मामले का खुलासा इंदौर की दो मूकबधिर बहनों ने किया था। 2 अगस्त को उन्होंने इसकी जानकारी इंदौर की संस्था को दी थी। इसके बाद धार की पीड़िता को चुंगल से छुड़ाया गया। अश्वनी ने क्रिस्टल आइडल पार्क स्थित तीन डुप्लेक्स किराए पर लिए थे। वर्ष 2016 से वह यहां हॉस्टल संचालित कर रहा था। तीन साल में इन हॉस्टल्स में 21 लड़कियां रह चुकी हैं। अब तक तीन ही युवतियों ने उसके खिलाफ बयान दिया है। पुलिस बाकी 18 युवतियों को भी तलाश रही है।

एसआईटी में दो एएसपी, दो सीएसपी, दो टीआई और महिला एसआई शामिल :एसपी साउथ राहुल लोढा का कहना है कि ये पता लगाना अभी बाकी है कि कहीं आरोपी ने और भी कई युवतियों के साथ अश्लील हरकत या ज्यादती तो नहीं की है? गुरुवार को ये मामला सामने आने के बाद आईजी जयदीप प्रसाद और डीआईजी धर्मेंद्र चौधरी क्रिस्टल आईडल पार्क सिटी स्थित अश्वनी के हॉस्टल पहुंचे थे। डीआईजी ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। एसपी साउथ के नेतृत्व में दो एएसपी, दो सीएसपी, दो टीआई और महिला एसआई इसमें शामिल किए गए हैं। अवधपुरी पुलिस ने अश्वनी को शुक्रवार दोपहर अदालत में पेश किया। पूछताछ का हवाला देते हुए पुलिस ने अश्वनी को सोमवार तक रिमांड पर लिया है। आईजी का कहना है कि इस मामले में जल्द से जल्द जांच पूरी कर चालान पेश कर दिया जाएगा।

हॉस्टल में बंधक बनाकर रखता था:धार की छात्रा ने शुक्रवार को धार के प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह ऊईके के दिए बयान में बताया कि अश्विन लड़कियों को अपने घर में बंधक बनाकर रखता था। उसके पास चार लड़कियां थीं। उनके माता-पिता को यह पता नहीं चले कि बच्चियां हॉस्टल की जगह उसके घर में रहती हैं इसलिए वह बस स्टैंड से ही लड़कियों को घर ले जाता था। माता-पिता को वहीं से लौटा देता था।

मोहल्ले वालों को देता था तर्क:पड़ोस में रहने वाले भानु प्रताप सिंह ने बताया कि अश्वनी हमेशा कहता था कि मेरा बेटा भी डिसएबल है, इसलिए समाजसेवा करता हूं। इस तरह के हॉस्टल संचालित कर मेरा मकसद कोई फायदा कमाना नहीं रहता। बातचीत में बेहद नरम रवैया था उसका। कहता था कि 6-7 लड़कियों को तो मैं अपने खर्च पर यहां रखता हूं। उसका एक हॉस्टल एमपी नगर में भी है।

छह महीने पहले हुई थी शिकायत :आईजी जयदीप प्रसाद के मुताबिक करीब छह माह पहले सामाजिक न्याय विभाग की संध्या शर्मा से हॉस्टल में असामान्य गतिविधियों को लेकर शिकायत हुई थी। उन्होंने आरोप की पुष्टि न होने का हवाला देते हुए जांच खत्म कर दी थी। संध्या इन दिनों उज्जैन में दृष्टि बाधित स्कूल में अधीक्षक हैं। उनसे इस मामले में पूछताछ होगी। वहीं, दैनिक भास्कर के सवाल पर संध्या ने कहा कि उन्होंने किसी मामले की जांच नहीं की।

 दुष्कर्म मामले की सीबीआई जांच हो:दुष्कर्म मामले की सीबीआई जांच हो। पूरे प्रदेश के सारे बालिका गृहों और छात्रावासों की जांच करवाई जाए। दुष्कर्म के मामलों में पहले से ही देश में अव्वल प्रदेश फिर से इस घटना से शर्मसार हुआ है। अब तो प्रदेश में दिव्यांग बच्चियां भी सुरक्षित नहीं है। – कमलनाथ, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष
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