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राज्य में प्राइवेट वाहनों के अकेले आने-जाने पर रोक है। उन्हें आर्मी के काफिल के साथ निकाला जा रहा है

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जम्मू-कश्मीर में मौजूद अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों के लिए कश्मीर से जल्द से जल्द लौट जाने की एडवाइजरी जारी की गई है। इसके बाद हजारों पर्यटक और अमरनाथ यात्री घाटी से बाहर निकलने की कोशिश में लगे हैं। कश्मीर गए लोगों के परिजन परेशान हैं। श्रीनगर से दिल्ली का हवाई किराया 22 हजार रु. तक पहुंच गया है। वहीं, श्रीनगर से जम्मू की फ्लाइट का टिकट 10 हजार रु से ज्यादा में मिल रहा है। शनिवार को नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी एयरलाइंस को कश्मीर से लौट रहे अमरनाथ यात्रियों के लिए बढ़ते हवाई किराए को नियंत्रित करने के लिए कहा। राज्य में प्राइवेट वाहनों के अकेले आने-जाने पर रोक है। उन्हें आर्मी के काफिल के साथ निकाला जा रहा है।

अमरनाथ गए भाई से रातभर बात नहीं हो पाई: यात्री के परिजन

  1. राजस्थान के भीलवाड़ा में रहने वाले सुशील काबरा के भाई और अन्य रिश्तेदार 30 जुलाई को अमरनाथ यात्रा पर गए थे। वे बताते हैं कि परिवार 31 जुलाई को जम्मू पहुंचा था। 2 अगस्त को सुबह 6 बजे पहलगाम से पैदल ही अमरनाथ के लिए निकलना था। शुक्रवार सुबह न्यूज चैनल्स पर खबर देखने के बाद परिजन से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन नहीं लगा। काफी कोशिशों के बाद शनिवार सुबह बात हुई। भाई ने बताया कि कश्मीर में फोन और इंटरनेट बंद हैं। प्राइवेट वाहनों के आने-जाने पर भी रोक लगा दी गई है। होटलों ने बुकिंग बंद कर दी है।गुजरात के राजकोट में रहने वाले मनन त्रिवेदी भी अमरनाथ यात्रा पर हैं। उन्होंने बताया कि हमारे ग्रुप को बीते 5 दिनों से एक ही स्थान पर रखा गया है। यात्रा पर जाना चाहते हैं, लेकिन सेना बाहर नहीं जाने दे रही। हमारे पास प्राइवेट कार हैं, फिर भी सेना के काफिले के साथ 100 कारें रवाना की जा रही हैं। जरूरत के सामान के रेट यहां कई गुना बढ़ गए हैं। 20 रुपए की पानी की बोतल 100 में मिल रही है। पहले कहा गया था कि बारिश के कारण रास्ता बंद है। अब आतंकी खतरे की बात सामने आ रही है। चारों तरफ सेना के जवान हैं।जयपुर लक्ष्मण अमरनाथ में भंडारा लगाते हैं। केंद्र की एडवाइजरी के बाद वे तुरंत वहां से निकल गए। रविवार दोपहर लक्ष्मण दिल्ली पहुंचे। उन्होंने फोन पर बताया कि कश्मीर के कई हिस्सों में भगदड़ जैसी स्थिति है। हर कोई तुरंत घाटी से निकलना चाहता है। लेकिन, ट्रांसपोर्टेशन की समस्या है। दिल्ली-श्रीनगर की फ्लाइट का टिकट 5000 से 8000 रु में मिलता था, जो अब 20-22 हजार में मिल रहा है। बारिश के चलते सड़क मार्ग जोखिमभरा था। इसलिए मजबूरी में प्लेन से आना पड़ा।  जम्मू-कश्मीर पर्यटन विभाग के निदेशक निसार वानी ने बताया कि शुकवार को कश्मीर में 20-22 हजार पर्यटक थे। उनमें से ज्यादार श्रीनगर पहुंच गए या फिर घाटी छोड़ चुके हैं। एडवाइजरी जारी होने के तुरंत बाद गुलमर्ग, पहलगाम और अन्य पर्यटन स्थलों के लिए बसों को रवाना किया गया था। वहां से सभी पर्यटकों को श्रीनगर लाया गया। कुछ पर्यटक पहलगाम में ट्रैकिंग पर गए हैं, जो कि फिलहाल अपने बेस नहीं लौटे हैं। करीब 300 लोगों को एयरफोर्स के विमान से भेजा गया है।
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