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वरिष्ठ नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली समन्वय समिति की बैठक से दूरी बना ली

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दो दिन पहले घोषित हुई कांग्रेस कार्यसमिति विवादों में आ गई है। नेताओं के आपसी विवाद ने और तूल पकड़ लिया है। मीनाक्षी नटराजन के विरोधी तेवर के बाद अब पार्टी के वरिष्ठ नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली समन्वय समिति की बैठक से दूरी बना ली। गुरुवार को पीसीसी में हुई समन्वय समिति की बैठक में सत्यव्रत नहीं पहुंचे। समन्वय समिति की बैठक में 31 मई से 31 अगस्त यात्रा निकालने का निर्णय लिया गया। यात्रा की शुरुआत ओरछा से होगी। बैठक के बाद दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनकी टीम का कोई भी सदस्य चुनाव नहीं लड़ेगा।

कई बार कर चुके हैं दिग्विजय का विरोध

– बताया जा रहा है कि सत्यव्रत इन दिनों प्रदेश में ही हैं। सत्यव्रत को प्रदेश की राजनीति में सिंह का विरोधी माना जाता है।

– कई मौकों पर वे दिग्विजय सिंह का विरोध भी कर चुके हैं। सत्यव्रत यहां तक कह चुके हैं कि दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस को खत्म किया है।

31 मई से यात्रा पर निकलेंगे दिग्विजय सिंह

– पीसीसी की चुनाव समन्वय समिति की पहली बैठक अध्यक्ष दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में आयोजित की गई। प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ भी बैठक में मौजूद रहे।

– बैठक में कांग्रेस ने अहम फैसला लिया। प्रदेश में अपने कार्यकर्ताओ में चुनावी जोश भरने के लिए कांग्रेस यात्रा निकालेगी।

– बैठक बाद दिग्विजय सिंह ने बताया कि यात्रा 31 मई से ओरछा से शुरू होगी। इसमें सत्यव्रत चतुर्वेदी भी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि सभी जिलास्तर में वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं के मतभेद मिटाने की कोशिश की जाएगी।

– दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनकी समिति के सदस्य ना तो विधानसभा चुनाव लड़ेंगे और ना ही किसी समिति के सदस्यों द्वारा किसी दावेदार का बायोडाटा लिया जाएगा।

– दिग्विजय सिंह ने कहा कि यात्रा का समापन 31 अगस्त को होगा। उन्होंने कहा कि वे समन्वय समिति के अध्यक्ष के रूप में यात्रा में शामिल होंगे।

– समन्वय समिति में दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के अलावा समिति के सदस्य महेश जोशी, रामेश्वर नीखरा, मुजीब कुरैशी, सत्यव्रत चतुर्वेदी, बिसाहूलाल सिंह, विनय दुबे, राजेन्द्रसिंह गौतम, हरिसिंह नरवरिया, महेन्द्र जोशी, सोहन वाल्मिकी, विभा पटेल और सुनील सूद सदस्य के रूप में शामिल रहे।

मंदसौर से शुरू हुई विवाद की शुरुआत

– प्रदेश में नई कमेटियों की घोषणा के बाद विवाद की पहली शुरुआत मंदसौर से हुई। यहां कोर कमेटी में राजेन्द्र गौतम को शामिल किए जाने से बुधवार को उनकी विरोधी मीनाक्षी नटराजन के इस्तीफे की अफवाह उड़ती रही।
– हालांकि मीनाक्षी ने इस्तीफे की खबर को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि पार्टी का अंदरूनी मामला है। जो भी कुछ है, बैठकर सुलझा लेंगे।
– नटराजन राजीव गांधी पंचायती राज संगठन की अध्यक्ष भी हैं। बड़े नेताओं की चिंता यह भी है कि कहीं राहुल गांधी के दौरे के समय पार्टी में गुटबाजी उभरकर सामने न आ जाए।
– उधर, मंदसौर के सुवासरा के कांग्रेस विधायक हरदीपसिंह डंग ने प्रदेश प्रतिनिधि पद से इस्तीफा दे दिया।

अरुण यादव को मनाने पहुंचे दिग्विजय सिंह

– दिग्विजय सिंह गुरुवार को होने वाली समन्वय समिति की बैठक में भाग लेने बुधवार की रात भोपाल आ गए थे। वे एयरपोर्ट से सीधे पीसीसी के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव के बंगले पहुंचे। यहीं उन्होंने पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन से भी बात की। सिंह और यादव के बीच देर रात तक बातचीत हुई।

 ये है दिग्विजय की समन्वय समिति
1- दिग्विजय सिंह
2- महेश जोशी
3- रामेश्वर नीखरा
4- मुजीब कुरैशी
5- सत्यव्रत चतुर्वेदी
6- बिसाहू लाल सिंह
7- विनय दुबे
8- राजेन्द्र सिंह गौतम
9- हरिसिंह नरवरिया
10- महेंद्र जोशी
11- सोहन बाल्मिकी
12- विभा पटेल
13- सुनील सूद
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