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शनिवार को पटवारियों और मंत्रियों के बीच बैठक हुई, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला

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पटवारियों की प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म नहीं हुई है। हालांकि इसे खत्म कराने की शनिवार को शासन स्तर पर प्रयास किए गए। शनिवार को पटवारियों और मंत्रियों के बीच बैठक हुई, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला। पटवारियों का प्रतिनिधिमंडल राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के आवास पर बैठक हुई। इस दौरान सामान्य प्रशासन मंत्री गोविंद सिंह और मुख्य सचिव सुधिरंजन मोहंती भी मौजूद रहे, लेकिन बातचीत का कोई हल नहीं निकल सका। पटवारियों ने अपनी हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है।  पटवारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि हमारी मांगें रखी गईं, लेकिन उस पर सहमति नहीं बनी, इसलिए हमने हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है। पटवारियों को सामान्य प्रशासन मंत्री और राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव के साथ बैठक कर मामले को सुलझाने का न्यौता भेजा था।  इधर, पटवारियों की हड़ताल शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रही। भोपाल सहित प्रदेशभर के 17 हजार पटवारियों में से एक भी पटवारी काम पर नहीं लौटे। इस हड़ताल के चलते प्रदेश भर में बारिश के बाद बर्बाद हुई फसलों के नुकसान का सर्वे व राजस्व विभाग के अन्य कामकाज लगभग ठप पड़ गए हैं। पटवारी संघ का कहना है कि जब तक उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पटवारियों के खिलाफ दिए गए बयानों के लिए माफी नहीं मांगेंगे, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। पटवारियों को 100 प्रतिशत रिश्वतखोर बताना गलत बात है। इससे प्रदेशभर के पटवारी आहत हैं। पटवारियों की गुरुवार से चल रही प्रदेश स्तरीय हड़ताल के दौरान शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजिय सिंह ने एक बार फिर ट्वीट कर पटवारियों को लेकर बयान दिया है। उन्होंने लिखा है कि- पटवारी गण राजस्व विभाग के सबसे महतवपूर्ण शासकीय सेवक है, जिनका किसानों से सीधा संपर्क रहता है। यदि बिना मांगे वह किसानों का काम कर दें तो किसान तो वैसे ही पूरा सहयोग करते हैं और पारिवारिक रिश्ते पालते हैं। किसानों को परेशान नहीं करें तो नेताओं को उनसे क्या शिकायत होगी?

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