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सीएम शिवराज सिंह चौहान मेरा पीछा नहीं छोड़ रहे हैं, मैं जहां भी जा रहा हूं वे भी वहां आ रहे हैं – सिंधिया

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कोलारस और मुंगावली में 24 फरवरी को होने वाले उपचुनाव में प्रचार अपने चरम पर पहुंच गया है। अंतिम दौर के चुनाव प्रचार में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। बीजेपी की ओर से सीम शिवराज सिंह चौहान अपने 12 दर्जन मंत्रियों के साथ कोलारस और मुंगावली में डटे हुए हैं तो कांग्रेस के भी मप्र के सभी सीनियर लीडर प्रचार में जुटे हैं। मुंगावली में कांग्रेस प्रत्याशी बृजेन्द्र यादव के गांव सुरेल में चुनाव प्रचार के दौरान सिंधिया ने कहा कि सीएम शिवराज सिंह चौहान मेरा पीछा नहीं छोड़ रहे हैं, मैं जहां भी जा रहा हूं वे भी वहां आ रहे हैं।

चाय पर चर्चा से की सीएम ने प्रचार की शुरुआत

– बुधवार को सबसे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शिवपुरी में आदिवासियों से चाय पर चर्चा की। करीब 1 घंटे तक चली चर्चा के बाद सीएम अशोकनगर के लिए रवाना हो गए। सीएम यहां 100 किमी लंबी यात्रा में 40 गांव के लोगों से मिले। रोड शो के दौरान वे कई जगह सभा को भी संबाेधित किया।

सिंधिया ने किया 30 गांव का दौरा

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को कांग्रेस प्रत्याशी बृजेन्द्र यादव के गांव सुरेल से चुनाव प्रचार की शुरुआत की। उन्होंने सभा को संबाेधित करते हुए कहा कि सीएम तमाम मंत्रियों अौर लाव लशकर के साथ घूम रहे हैं। मैंने 8 साल मंत्री रहने के बाद भी ऐसा नहीं किया। क्योंकि मैं वो चीज नहीं करता जो मुझे आप से दूर करे। इसके बाद सिंधिया ने तारई सभा को संबोधित किया। उन्होंने यहां कहा कि जहां भी मैं जा रहा हूं वहां सीएम मेरे पीछे पीछे चले आ रहे हैं। कई जगह तो उन्होंने दौरा कैंसल कर मेरा पीछा किया। कल सीएम का मुंगावली दौरा था लेकिन वह मेरे पीछे अपना दौरा रद्द कर कोलारस पहुंच गए। चुनाव के दौरान जब मेरा सीएम से सामना हुआ तो मैंने उनकी और हाथ हिलाया तो उन्होंने भी पंजा उठा लिया। सिंधिया ने कहा कि इस तरह सीएम ने इस बात को मान लिया की जीत तो पंजे की ही होगी। सिंधिया ने दिनभर में करीब 30 गांव का दौरा किया।

22 फरवरी को थम जाएगा चुनाव प्रचार

– गौरतलब है कि मुंगावली और कोलारस में 24 फरवरी को विस उपचुनाव होने हैं। ऐसे में 22 फरवरी को चुनाव-प्रचार का अंतिम दिन होगा। ऐसे में दोनों ही पार्टियां वोटरों को लुभाने में लगी है। 24 फरवरी को सुबह 8 बजे से मतदान शुरू होगा और 28 फरवरी को रिजल्ट आएंगे।

कोलारस में 22 तो मुंगावली में 13 उम्मीदवार आजमा रहे हैं किश्मत

– कोलारस उपचुनाव में 22 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि मुंगावली में विधायक पद के लिए 13 उम्मीदवारों में मुकाबला हो रहा है। सितंबर 2017 में मुंगावली विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा का निधन हो गया था। वहीं अक्टूबर 2017 में कोलारस सीट से विधायक रामसिंह का निधन हो गया था। इस कारण उक्त दोनों विधानसभा सीटें रिक्त हो गई थीं। हालांकि जीत के बाद विधायक बनने वालों को कार्यकाल छह महीने के भीतर ही खत्म हो जाएगा क्योंकि साल के अंत में मप्र में विस चुनाव होने हैं।

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