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सेंट्रल स्कूल्स यानी केंद्रीय विद्यालयों (KVs) में होने वाली प्रार्थना हिंदुत्व को बढ़ावा देती

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सुप्रीम कोर्ट में एक पिटीशन दायर की गई है, जिसमें कहा गया है कि सेंट्रल स्कूल्स यानी केंद्रीय विद्यालयों (KVs) में होने वाली प्रार्थना हिंदुत्व को बढ़ावा देती है। पिटीशन में ये भी कहा गया, “इन स्कूलों में होने वाली प्रार्थना को बंद करना चाहिए, क्योंकि ये स्कूल सरकार की ओर से चलाए जाते हैं।’ जस्टिस आरएफ नारीमन और जस्टिस नवीन सिन्हा की बेंच ने सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सरकार को SC ने 4 हफ्तों का वक्त दिया है।

पिटीशन में और क्या कहा गया, 5 प्वाइंट

1) हिंदू धर्म पर आधारित है प्रार्थना
– SC में मध्यप्रदेश के निवासी विनायक शाह ने पिटीशन दायर की है। इसमें कहा गया है, “KVs में मॉर्निंग असेंबली के दौरान सभी स्टूडेंट्स चाहे वो किसी भी धर्म और आस्था को मानने वाले हों, उन्हें हिंदू धर्म पर आधारित प्रार्थना जरूर पढ़नी होती है।”

2) बच्चों में साइंटिफिक टेम्परामेंट डेवलप नहीं होता
– पिटीशन में कहा गया, “प्रेयर की प्रैक्टिस के चलते स्टूडेंट्स में साइंटिफिक टेम्परामेंट डेवलप होने मेें मुश्किल आती है, क्योंकि भगवान और धार्मिक आस्था का जो पूरा नजरिया है, वो बच्चों की सोचने की प्रक्रिया में बस जाता है।”

3) जांच और सुधार की भावना खो जाती है
– “नतीजा ये निकलता है कि रोजमर्रा की जिंदगी में आने वाली मुश्किलों का समाधान खोजने की जगह बच्चे के भीतर सर्वशक्तिमान से शरण मांगने की भावना बनने लगती है। और, ऐसे में जांचने-परखने और सुधार करने की भावना कहीं ना कहीं खो जाती है।”

4) संविधान ऐसा करने की इजाजत नहीं देता
– “प्रेयर बच्चों पर थोपी जाती है, ऐसे में माइनॉरिटी कम्युनिटी के, नास्तिक, दूसरे बच्चे और उनके पैरेंट्स को लगता है कि ये संवैधानिक रूप से गलत है। कॉन्स्टिट्यूशन के आर्टिकल 28 के मुताबिक कॉमन प्रेयर एक रिलीजियस इंस्ट्रक्शन (धार्मिक निर्देश) है और ऐसे में इस रोका जाना चाहिए। संविधान का आर्टिकल 28(1) कहता है कि किसी भी ऐसे एजुकेशनल इंस्टिट्यूट में रिलीजियस इंस्ट्रक्शन नहीं दिए जा सकेत हैं, जो पूरी तरह से सरकार के पैसे से चलता हो।”

5) कॉमन प्रेयर को बंद करने का निर्देश दें
– पिटीशन में SC से कहा गया, “यहां मसला ये है कि क्या सरकार पूरे देश में स्टूडेंट्स और टीचर्स पर इस तरह की कॉमन प्रेयर लागू कर सकती है। सरकार और केंद्रीय विद्यालयों को निर्देश दिए जाएं कि मॉर्निंग असेम्बली में इस तरह की किसी भी प्रार्थना को बंद किया जाए और इसकी जगह स्टूडेंट्स में साइंटिफिक लर्निंग को प्रमोट किया जाए।”
देश में कितने केंद्रीय विद्यालय हैं?
– देशभर में 1125 केंद्रीय विद्यालय हैं, जिनमें एक जैसी यूनिफॉर्म और सिलेबस होता है। इस तरह से ये दुनिया की सबसे बड़ी स्कूल चेन बन जाती है। ये स्कूल पिछले 50 सालों से चल रहे हैं।

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