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हिन्दू कैलेंडर के अनुसार 20 मार्च को फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि का संयोग बन रहा है

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होली का त्योहार हिन्दू कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है। पूर्णिमा पर होलिका दहन किया जाता है और अगले दिन सबको रंग लगाया जाता है। वहीं इससे 8 दिन पहले यानी आज से होलाष्टक शुरू हो जाता है। होली के पहले 8 दिनों का समय होलाष्टक कहलता है। इन दिनों में किसी भी तरह का शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है। होलिका दहन के साथ ही होलाष्टक भी खत्म हो जाता है। इस साल होली पर ग्रह-नक्षत्र विशेष स्थिति में रहेंगे। इसलिए ज्योतिषीय नजरिए से ये त्योहार और भी खास रहेगा।

 कब है होली

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार 20 मार्च को फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि का संयोग बन रहा है। इसलिए होलिका दहन 20 मार्च बुधवार को ही किया जाएगा और 21 मार्च को लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर होली का त्योहार मनाएंगे।

होली पर बन रही है ग्रह-नक्षत्रों की विशेष स्थिति

इस साल होली पर ग्रहों विशेष स्थिति बनने से ये त्योहार ज्योतिषीय नजरिए से और भी खास रहेगा। होली पर सूर्य मीन राशि में रहेगा, जो कि बृहस्पति की राशि है। चंद्रमा सिंह राशि में रहेगा। बुध ग्रह कुंभ में यानी शनि की राशि में रहेगा। बृहस्पति वृश्चिक राशि में रहेंगे। शुक्र मकर राशि में और शनि धनु राशि में रहेगा। इनके अलावा राहु-केतु मिथुन और धनु राशि में रहेंगे। होली पर ग्रहों का ये योग कुछ राशियों के लिए बहुत ही शुभ रहेगा। इस बार बुधवार की होली होने से व्यापारियों के लिए लाभदायक रहेगी। इसके साथ ही आय में वृद्धि होने के भी योग बन रहे हैं।

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