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2013 के मुकाबले 2018 विधानसभा चुनावों में 28 लाख ज्यादा मतदाता करेंगे मतदान

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नवंबर में होने वाले मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में इस बार 4 करोड़ 94 लाख 42 हजार मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। ये संख्या 2013 के विधानसभा चुनाव की तुलना में 28 लाख ज्यादा है। प्रदेश में सबसे ज्यादा 3 लाख 56 हजार 879 मतदाता इंदौर के 5 विधानसभा क्षेत्र में हैं, सबसे कम मतदाता शहडोल की कोतमा विधानसभा में 145783 हैं। प्रदेश में 460000 निशक्तजन मतदाता है। शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांता राव ने ये जानकारी दी। वह मीडिया से चर्चा कर रहे थे।

प्रति विधानसभा औसत मतदाताओं की संख्या : प्रदेश में प्रति विधानसभा औसत मतदाताओं की संख्या 214969 है। बालाघाट की मैहर विधानसभा में 1000 पुरुषों की तुलना में 1008 महिला मतदाता है जबकि भिंड की मेहगांव विधानसभा में 1000 पुरुषों पर 765 महिलाएं पंजीकृत हैं। प्रदेश में इस साल चुनाव 65340 मतदान केंद्रों पर होगा। ग्रामीण क्षेत्रों के मतदान केंद्रों में औसत मतदाताओं की संख्या 1208 शहरी क्षेत्र में 1400 रखी गई है।

1 करोड़ 18 लाख घरों का सर्वे किया गया : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वी एल कांता राव ने बताया कि 30 जून 2018 तक 18 साल के सभी युवा मतदाताओं को इस बार मतदाता सूची से जोड़ने का काम किया गया है। लगभग एक करोड़ 18 लाख घरों का सर्वे किया गया जिसमें 5100000 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसमें 1145000 नए मतदाता जोड़ने के आवेदन मिले हैं तो 25 लाख आवेदन नाम हटाने के लिए प्राप्त हुए हैं बाकी आवेदन नाम व स्थान परिवर्तन के लिए प्राप्त हुए हैं। 51283 सेवा मतदाता के नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं। इन सभी को इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट के द्वारा मतदान कराया जाएगा इसके लिए सभी विभागों में विशेष अधिकारी बनाए गए हैं।

वीवीपैट का प्रदर्शन : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के सामने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और वीवीपैट का किया गया। प्रदर्शन कांग्रेस और भाजपा के पदाधिकारियों ने वोट डालकर वीवीपैट की कार्यप्रणाली देखी।

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