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करोड़ों रुपए ऐंठने वाली इस लेडी डॉन को पति सहित ग्वालियर पुलिस नोएडा से गिरफ्तार

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फेसबुक के जरिए बेरोजगारों को खोजा और उन्हें सरकारी नौकरी का ऑफर देकर लाखों रुपए ऐंठे और गायब हो गई। किसी ने रकम वापस मांगी को मिली धमकी। युवाओं से करोड़ों रुपए ऐंठने वाली इस लेडी डॉन को पति सहित ग्वालियर पुलिस नोएडा से गिरफ्तार करके ले आई है। नोएडा के शानदार फ्लैट में रहने वाली इस लेडी डॉन के पास कई लक्जरी कारें भी मिली हैं।

– ऑइल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड (ONGC) तथा रेलवे में नौकरी के नाम पर ठगी का रैकेट चलाने वाली निकिता और उसके पति राहुल निगम को पुलिस नोएडा से रिमांड पर लेकर आई है।
– ग्वालियर-चंबल के बेरोजगारों से लाखों की ठगी की शिकायत के बाद हुई जांच में पति-पत्नी को नोएडा क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया था।
– क्राइम ब्रांच में दतिया के रवि सिंह ने शिकायत की थी कि रेलवे और ओएनजीसी में नौकरी लगाने के नाम पर उसके साथ-साथ 10 और लोगों से 8-10 लाख रुपए ठगे गए थे।
– रेलवे में नौकरी दिलवाने के नाम पर 74 लाख की ठगी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड विक्रम रावत को ग्वालियर पुलिस की क्राइम ब्रांच 26 नवंबर को कोलकाता से पकड़ कर लाई थी।
– पुलिस टीम से पूछताछ में उसने रैकेट में शामिल निकिता उसके पति राहुल और एक अन्य साथी अमित के नाम बताए थे।
– पकड़े गए पति-पत्नी को पुलिस ने 2 दिसंबर तक पूछताछ के लिए रिमांड पर ले लिया है।
सोशल साइट पर संपर्क, फिर बना रैकेट
– पूछताछ में पुलिस को निकिता और राहुल ने बताया कि वह जनवेद उर्फ छोटू मिश्रा से सोशल साइट पर जुड़े थे।
– उसका जुड़ाव अमित और आशीष से था। उसने यहां पर कहा था कि रेलवे और ONGC में उसका अच्छा संपर्क है। कोई नौकरी चाहता है तो उसे मिलवा दें।
– यदि वे लोगों को नौकरी के लिए लाएंगे तो उन्हें कमीशन भी मिलेगा। कमीशन के लालच में वह इस रैकेट से जुड़ गए।
ठगने से पहले दिलाती वीजा
– रैकेट से जुड़ने से पहले निकिता दूतावास से वीसा दिलाने का काम करती थी, मोटा कमीशन कमाती थी।
– दोनों ने बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले रैकेट से भी भी लाखों कमाए।
– पति-पत्नी के पास 4 लग्जरी कारें और नोएडा के महंगे रिहायशी इलाके में करोड़ों का फ्लैट भी मिला।
10 युवकों से ठगे थे 75 लाख
– एक साल पहले दतिया के रवि सिंह ने शिकायत की थी कि उसके दस साथियों से रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर 75 लाख रुपए ठगे गए हैं।
– मामला क्राइम ब्रांच के सुपुर्द किया गया था। जांच के दौरान पता चला कि वारदात में शामिल एक आरोपी कोलकाता में है।
– सूचना के आधार पर पुलिस पार्टी ने कोलकाता में दबिश दी और विक्रम रावत को दबोच लिया।
– विक्रम रावत ने ही रवि और उसके साथियों को झांसे में लेकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया था।
– पुलिस अब विक्रम से साथियों और देश भर में फैले नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है।
परीक्षा और ट्रेनिंग, फिर देते थे फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर
– विक्रम ने बताया कि गिरोह ग्राहक से दिल्ली में ONGC के नाम पर कांटेक्ट करते थे, और बाकायदा फर्जी परीक्षा करा कर, कोलकाता में फर्जी ट्रेनिंग भी कराते थे।
– इसके बाद अपॉइंटमेंट लेटर देकर मुंबई में पोस्टिंग का झांसा देते थे। गिरोह एक ग्राहक से 8 लाख रुपए वसूल करता था।
– ग्वालियर में 10 युवकों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर 74 लाख रुपए की वसूली की थी।
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