नवजोत सिंह सिद्धू आम आदमी पार्टी ज्वाइन कर सकते हैं

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बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने भी पंजाब में MLA की पोस्ट छोड़ दी है। कहा जा रहा है कि दोनों आम आदमी पार्टी ज्वाइन कर सकते हैं।
– राज्यसभा सभापति ने 52 साल के नवजोत सिंह का इस्तीफा मंजूर कर लिया है।
– मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नवजोत सिंह अगर आम आदमी पार्टी ज्वाइन करते हैं तो पार्टी उन्हें सीएम कैंडिडेट भी बना सकती है।
– इस्तीफा देने के बाद नवजोत सिंह ने कहा- ”सही-गलत की लड़ाई में तटस्थ नहीं रहा जा सकता है। सही-गलत चुनना था। पंजाब का हित सबसे ऊपर है। …पीएम के कहने पर मैं राज्यसभा गया था।”
– 2014 लोकसभा चुनाव के पार्टी ने अमृतसर सीट से सिद्धू का टिकट काट दिया। उनकी जगह अरुण जेटली को पार्टी कैंडिडेट बनाया गया।
– सिद्धू 10 साल से इस सीट से सांसद थे। पार्टी का यह दांव उलटा पड़ा। जेटली चुनाव हार गए। तब से ही सिद्धू पार्टी से नाराज बताए जा रहे थे।
– अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी ने उन्हें मनाने की कोशिश की।
– उन्हें राज्यसभा एमपी बनाना इसी की कवायद माना जा रहा था। लेकिन सांसद बनने के तीन महीने के भीतर ही उन्होंने राज्यसभा मेंबरशिप छोड़ दी।
अकाली गठबंधन के खिलाफ सिद्धू और उनकी पत्नी
– सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर पंजाब में बीजेपी विधायक हैं। नवजोत कौर लगातार बीजेपी की सहयोगी अकाली दल पर हमले करती रही हैं।
– कहा जा रहा है कि पति-पत्नी चाहते थे कि बीजेपी विधानसभा चुनाव अकेले लड़े और सिद्धू को बड़ी जिम्मेदारी दी जाए।
– नवजोत कौर ने हाल ही में पार्टी से एक इंटरव्यू के दौरान पार्टी से अलग होने के संकेत दिए थे।
– इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि अकाली और बीजेपी तो मिलकर ही विधानसभा चुनाव लड़ेंगे, लेकिन मैं और सिद्धू प्रचार नहीं करेंगे।
– तभी से दोनों आम आदमी पार्टी के संपर्क में बताए जा रहे हैं।
‘AAP’ को नया मौका बता चुकी हैं नवजोत
– पंजाब में अकाली-बीजेपी गठजोड़ बनाए रखने के एलान के बाद सिद्धू की वाइफ डॉ. नवजोत कौर ने आम आदमी पार्टी में जाने के संकेत दिए थे।
– डॉ. सिद्धू ने कहा था कि वे चाहती हैं कि पंजाब में बीजेपी को अकेले चुनाव लड़ना चाहिए। हालांकि, उन्होंने इसे अपनी निजी राय बताया था।
– उन्होंने आम आदमी पार्टी को लोगों के लिए एक मौका बताया था।
– फरवरी में दिए गए अपने बयान में उन्होंने यह नहीं बताया था कि वे चुनाव लड़ेंगी तो किस पार्टी से।
– नवजोत ने कहा था कि इसका खुलासा वे बाद में करेंगी।
– 1 अप्रैल को नवजाेत कौर ने ट्वीट कर पार्टी छोड़ने की बात कही थी। हालांकि, बाद में उन्होंने इसे अप्रैल फूल बताया।
पार्टी में नजरअंदाज किए जाने से भी दुखी थे सिद्धू
– लगातार 2004 से 2014 तक अमृतसर सीट से सांसद रहे सिद्धू पार्टी में नजरअंदाज किए जाने से भी दुखी थे।
– नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी के आने के बाद उनका कद लगातार घटा।
केजरीवाल बोले- सिद्धू का फैसला साहसिक
– केजरीवाल ने ट्विटर पर लिखा है, ‘लोग राज्यसभा सीट के लिए अपना राइट हैंड तक देने को तैयार हैं, लेकिन राज्यसभा के एक सिटिंग एमपी ने अपने स्टेट को बचाने के लिए इससे रिजाइन कर दिया, सिद्धूजी को यह साहस दिखाने के लिए सैल्यूट है।’
तीन महीने पहले कहा था- मुझे मेरे हीरो ने नॉमिनेट किया है
”दो साल पहले भी मैंने राज्यसभा मेंबरशिप ठुकराई थी। लेकिन इस बार मुझे मेरे हीरो (मोदी) ने नॉमिनेट किया है। वे देश को सवार सकते हैं।” – अप्रैल में राज्यसभा मेंबर बनने के बाद सिद्धू का बयान
केजरी की खांसी का उड़ा चुके हैं मजाक
”अरे केजरी भाई! ये तो नौटंकी कंपनी है। लगाकर मफलर… (खांसने की एक्टिंग)। ड्रामे पर ड्रामा। खांसी तो ठीक हुई नहीं, दिल्ली कहां से ठीक करेगा?” – बीजेपी के लिए प्रचार के दौरान केजरीवाल के खिलाफ सिद्धू का बयान।
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