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सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक विधानसभा में शनिवार शाम 4 बजे फ्लोर टेस्ट कराने के निर्देश दिए

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सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक विधानसभा में शनिवार शाम 4 बजे फ्लोर टेस्ट कराने के निर्देश दिए। इस तरह शीर्ष अदालत ने राज्यपाल वजूभाई वाला के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें उन्होंने बीएस येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का वक्त दिया था। अब कल शाम यह फैसला हो जाएगा कि बिना बहुमत के दूसरी बार मुख्यमंत्री बने बीएस येदियुरप्पा की कुर्सी रहेगी या जाएगी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद येदियुरप्पा ने दावा किया कि बहुमत के लिए जरूरी विधायकों का समर्थन हासिल कर लिया है और जीत 100 फीसदी भाजपा की होगी। उधर कांग्रेस और जेडीएस केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर बनाए जाने के राज्यपाल के खिलाफ भी सुप्रीम कोर्ट गईं। बता दें कि कर्नाटक में अभी भाजपा के पास 104, कांग्रेस के पास 78 और जेडीएस+बसपा के पास 38 विधायक हैं। बहुमत के लिए 112 का आंकड़ा जरूरी है।

कोर्टरूम लाइव : फ्लोर टेस्ट की तारीख बढ़ाने की भाजपा की मांग नामंजूर हुई

1) सुप्रीम कोर्ट ने चिट्ठियां मांगी
– सबसे पहले भाजपा के वकील मुकुल रोहतगी ने दो चिट्ठियां सुप्रीम कोर्ट की बेंच को सौंपी। रोहतगी ने कहा कि येदियुरप्पा कर्नाटक के सबसे बड़े दल भाजपा के नेता हैं। उनके और भाजपा के पास जरूरी विधायकों का समर्थन है और वे सदन में बहुमत साबित करने को तैयार हैं।
– कांग्रेस की तरफ से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा- सुप्रीम कोर्ट को फैसला करना चाहिए कि बहुमत साबित करने का पहला मौका किसे मिलना चाहिए।
– जस्टिस एके सीकरी की बेंच ने भाजपा के वकील से जरूरी नंबर दिखाने के लिए कहा।

2) भाजपा ने कहा- नंबर वहीं दिखाएंगे, जहां जरूरी है
रोहतगी : हम नंबर वहीं दिखाएंगे, जहां इनकी जरूरत होगी। सुप्रीम कोर्ट में जरूरी नहीं है। हम समर्थन साबित करने के लिए मुख्यमंत्री का पत्र भी ला सकते हैं। हमारे पास बहुमत है। दूसरा पत्र निमंत्रण के बारे में था। सबसे बड़ी पार्टी को जनता ने चुना है। भाजपा सिर्फ फ्लोर पर ही जरूरी नंबर दिखाएगी।
जस्टिस सीकरी : एक तरफ हमें कांग्रेस-जेडीएस की तरफ से पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें बहुमत साबित है। दूसरी तरफ येदियुरप्पा का ये दावा है कि उनके पास बहुमत है। किस आधार पर गवर्नर ने गठबंधन के ऊपर उन्हें चुना?
रोहतगी : ये गवर्नर का विवेक है। उन्हें देखना होता है कि कौन स्थिर सरकार बना सकता है?

3) जिसके पास बहुमत, वो सरकार बनाए
जस्टिस सीकरी : सीधा लक्ष्य ये है कि कोई पहले अखाड़े में उतरे। ये आसान-सा नंबरों का खेल है। जिसके पास भी बहुमत होगा, वो सरकार बनाएगा। दूसरा हिस्सा चुनाव के बाद का गठबंधन का है। दो पार्टियां जो एकदूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहीं थीं, वो चुनाव के बाद एक दूसरे के साथ आ सकती हैं.. लेकिन अगर किसी पार्टी के पास बहुमत है, तो उसके पास सरकार बनाने का अधिकार है।
रोहतगी: कांग्रेस-जेडीएस के पत्र में कभी भी एेसे हस्ताक्षर नहीं हैं, जो ये दिखाएं कि उनकी पार्टी का हर विधायक उन्हें ही समर्थन दे रहा है।
जस्टिस सीकरी : यहां भी दो हिस्से हैं। राज्यपाल के फैसले को परखा जाए या फिर शनिवार को ही फ्लोर टेस्ट कराया जाए। फ्लोर टेस्ट ही सबसे अच्छा विकल्प नजर आ रहा है।

4) फ्लोर टेस्ट शनिवार को ही होगा, सीक्रेट बैलेट से वोटिंग नहीं होगी
सिंघवी : येदियुरप्पा ने समर्थन होने का दावा जरूर किया है, लेकिन उनके पास विधायकों के समर्थन की चिट्ठियां नहीं हैं। या यूं कहें कि वे सिर्फ मौखिक समर्थन की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस-जेडीएस भी कल फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार है।
रोहतगी: फ्लोर टेस्ट शनिवार को नहीं होना चाहिए। हमें थोड़ा वक्त चाहिए। विधायकों को पहुंचने और आजादी से वोट करने के लिए वाजिब वक्त दिया जाना चाहिए। कम से कम सोमवार तक का वक्त मिले। जेडीएस-कांग्रेस के विधायकों को भी उनकी पार्टी ने दूसरे राज्यों में भेज रखा है।
सुप्रीम कोर्ट : संविधान ने राज्यपाल को उच्च शक्तियां दी हैं। उन्होंने इनका इस्तेमाल खराब ढंग से किया है। शनिवार दोपहर 4 बजे कर्नाटक विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराएं। सदन को फैसला करने दें। सबसे बेहतर तरीका फ्लोर टेस्ट ही होगा। वोटिंग भी सीक्रेट बैलेट से नहीं होगी।

5) एंग्लो इंडियन सदस्य की नियुक्ति नहीं होगी
– कर्नाटक के राज्यपाल ने विनिषा नेराे को विधानसभा में एंग्लो इंडियन सदस्य के तौर पर मनोनीत किए जाने को भी कांग्रेस-जेडीएस ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल फ्लोर टेस्ट होने तक इस सदस्य को मनोनीत ना करें।

6) प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति पर कांग्रेस-जेडीएस को ऐतराज

– वजूभाई वाला ने भाजपा विधायक केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि ये सही नहीं है।

– सिंघवी ने कहा, “भाजपा ने सही काम नहीं किया है, लेकिन इस पर हम क्या कदम उठाएंगे.. ये बाद में बताया जाएगा। संसद में भी विधान ये है कि प्रोटेम स्पीकर का पद सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य को दिया जाना चाहिए।” बता दें कि बोपैया को 2008 में भी प्रोटेम स्पीकर चुना गया था।

– कांग्रेस को उम्मीद थी कि प्रोटेम स्पीकर के लिए 7 बार विधायक चुने गए आरवी देशपांडे के नाम पर राज्यपाल की मुहर लग जाएगी।

कर्नाटक विधानसभा में बन रही तीन स्थितियां

1) मौजूदा आंकड़ों के हिसाब से फ्लोर टेस्ट में हार जाएगी भाजपा

2 सीटों पर मतदान नहीं हुआ इसलिए कुल सीटें : 222
कुमारस्वामी 2 सीटों से जीते इसलिए कुल विधायक: 221
1 प्रोटेम स्पीकर बनने पर : 220
बहुमत के लिए जरूरी : 111
भाजपा : 104 (बहुमत से 7 कम)
कांग्रेस-जेडीएस : 116 (बहुमत से 5 ज्यादा)

2) कांग्रेस-जेडीएस के 14 विधायक सदन से गैरहाजिर हो जाएं तो भाजपा के पास मौका
2 सीटों पर मतदान नहीं हुआ इसलिए कुल सीटें : 222
कुमारस्वामी 2 सीटों से जीते इसलिए कुल विधायक : 221
1 प्रोटेम स्पीकर बनने पर : 220
13 कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के विधायक फ्लोर टेस्ट के दौरान सदन से गैरहाजिर हो जाएं तो : 207
बहुमत का आंकड़ा : 104
भाजपा : 104 (बहुमत पर)

3) एक निर्दलीय और दो अन्य पार्टियों के विधायक अगर भाजपा के साथ आ जाएं
2 सीटों पर मतदान नहीं हुआ इसलिए कुल सीटें : 222
कुमारस्वामी 2 सीटों से जीते इसलिए कुल विधायक : 221
1 प्रोटेम स्पीकर बनने पर : 220
7 कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के विधायक फ्लोर टेस्ट के दौरान सदन से गैरहाजिर हो जाएं तो : 213
(इस स्थिति की संभावना ज्यादा क्योंकि कांग्रेस के 4 विधायक 2 दिन से लापता बताए जा रहे हैं। तीन और विधायक भाजपा के खेमे में चले जाने पर संख्या 7 हो जाएगी।)
बहुमत का आंकड़ा : 107
भाजपा 104 + अन्य 3 : 107

(तीन अन्य यानी एक निर्दलीय, एक केपीजेपी विधायक और एक बसपा विधायक)

क्रॉस वोटिंग हुई तो आखिरी फैसला होने तक वोट वैध माने जाएंगे

– संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप बताते हैं, ‘‘सदन में उपस्थित सदस्यों की संख्या के आधार पर ही बहुमत तय होगा। किसी भी पार्टी का चुना हुआ सदस्य अगर बहुमत के समय सदन में गैरहाजिर रहता है या हाजिर होकर भी वोट नहीं देता या किसी दूसरे दल को वोट देता है तो इसे पार्टी के निर्देश या व्हिप का उल्लंघन माना जा सकता है।’’
– ‘‘अगर उनकी पार्टी संबंधित सदस्य के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत करती है तो इस पर सुनवाई होती है। जब तक मामला विचाराधीन रहता है, वोटों को वैध माना जाता है।’’

राहुल ने कहा- भाजपा का झूठ उजागर हुआ, येदियुरप्पा बोले- हम बहुमत साबित करेंगे

राहुल गांधी ने कहा- कर्नाटक पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला हमारी इस बात को सही ठहराता है कि राज्यपाल ने असंवैधानिक काम किया। सरकार बना लेने का भाजपा का झूठ सुप्रीम कोर्ट में उजागर हो गया।

– फैसले के बाद कांग्रेस के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने मीडिया को बताया कहा- ‘‘आज से कल तक येदियुरप्पा नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेंगे। हमने कहा था कि क्या राज्यपाल पहले ऐसे किसी पार्टी को सरकार बनाने को बुला सकते हैं जिनके पास बहुमत नहीं है? जबकि हमारे पास पूरे बहुमत का पत्र है। कल विश्वास मत से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।’’

– वहीं, येदियुरप्पा ने कहा- हमें सौ फीसदी भरोसा है कि हम बहुमत साबित कर लेंगे।

– केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट किया, “भाजपा फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार है। हमें विश्वास मत जीतने का भरोसा है। सदन में होने वाले फ्लोर टेस्ट में हम बहुमत सिद्ध कर देंगे।”

– इस बीच, कर्नाटक के राज्यपाल ने फ्लोर टेस्ट के पहले भाजपा विधायक केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया है।

विधायकों को बचाने के लिए रिजॉर्ट पॉलिटिक्स
– खरीद-फरोख्त से बचाने के लिए कांग्रेस ने शुक्रवार को अपने विधायक बेंगलुरु के इगलटन रिजॉर्ट में भेजे थे। जेडीएस विधायक होटल शांगरी ला में रोके गए। इस बीच, कुछ विधायकों के लापता होने की चर्चा रही। कांग्रेस के 2 विधायक रिजॉर्ट नहीं पहुंचे थे। खबर ये भी आई थी कि कांग्रेसी विधायकों को कोच्चि ले जाने वाली तीन चार्टर्ड फ्लाइट को उड़ने की मंजूरी नहीं दी गई। देर रात कांग्रेस+जेडीएस विधायक बेंगलुरू से हैदराबाद शिफ्ट किए गए।
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