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32 साल की एक महिला को ड्राइवर से प्यार हो गया

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उत्तरप्रदेश के बिजनौर में 32 साल की एक महिला को ड्राइवर से प्यार हो गया था। इसके बाद महिला ने अपने डॉक्टर पति को छोड़कर ड्राइवर के साथ शादी कर ली। शादी के कुछ समय बाद ही पैसों की किल्लत शुरू हो गई। कुछ हफ्तों बाद ड्राइवर ने महिला की ज्वेलरी 7 लाख रुपए में बेच दी। महिला ने जब अपनी ज्वेलरी वापस मांगी तो ड्राइवर और उसके पिता ने मिलकर महिला को ही मार डाला। पुलिस ने ड्राइवर और उसके पिता दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

देशभर में कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसमें ड्राइवर या नौकर-नौकरानी पर हद से ज्यादा भरोसा करने का नुकसान मालिक हो उठाना पड़ा है। मप्र हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट संजय मेहरा ने बताया कि घर में काम के लिए जिन व्यक्तियों को रखा जाता है, उनकी सभी की पूरी डिटेल मालिक के पास होना चाहिए। इसकी सूचना पुलिस को भी दी जाना चाहिए। इससे कोई गड़बड़ होती है तो शुरू में ही पकड़ में आ जाती है। साथ ही भविष्य में वह व्यक्ति कुछ गलत करता है तो उसे पकड़ना आसान हो जाता है। हालांकि इस केस में मामला अलग है, क्योंकि महिला ने शादी ही कर ली थी। हम बता रहे हैं घर में ड्राइवर या मेड रखने से पहले किन बातों को फॉलो करना चाहिए।

एड्रेस, आइडेंटिटी का प्रूफ लें, पुलिस वेरिफिकेशन करवाएं
– आप ड्राइवर रख रहें हो या मेड उसका एड्रेस प्रूफ और आइडेंटिटी प्रूफ पहले जरूर देखें। इसके लिए आप आधार कार्ड की कॉपी मांग सकते हैं।
– मेड रखने के लिए उसका पुलिस वेरिफिकेशन करवाना जरूरी है। कई शहरों में पुलिस की मोबाइल ऐप के जरिए ही अब वेरिफिकेशन होने लगा है।

– ड्राइवर और मेड का एक फोटो भी आपके पास होना चाहिए।
– ड्राइवर और मेड दोनों ही मामलों में एजेंसी से उन जगहों की जानकारी लें, जहां उसने पहले काम किया है, या कर रहे हैं। वहां जाकर फीडबैक लें। सही फीडबैक मिलने पर ही हायर करें।
घर को भी रखें सिक्योर…
– घर में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी लगवा सकते हैं। आजकल मोबाइल ऐप से भी घर की निगरानी फ्री में की जा सकती है।
– कीमती चीजों को हमेशा लॉकर में रखें। मेड के सामने किसी भी कीमती चीज को न निकालें।
– मेड रखने के बाद उस पर ध्यान दें। खासतौर पर शुरुआती दिनों में उसकी हरकतों पर नजर रखें।
– घर में बच्चा है तो उसे पूरी तरह मेड के भरोसे न छोड़ें। वहीं अगर 24 घंटे की मेड है तो रात में घर में अंदर से ताला लगाकर रखें और चाबी अपने पास रखें।

जिस एजेंसी से सर्विस ले रहे हैं, उसका रजिस्ट्रेशन भी चेक करें 
– सबसे पहले देखें कि आपको मेड को फुल-डे यानी 24 घंटे, दिनभर यानी 12 घंटे या फिर झाड़ू-पोछा, बर्तन साफ करने के लिए 2 घंटे के लिए रखना है।
– मेट्रो सिटीज में 24 घंटे वाली मेड की मेड एजेंसी की मदद से हायर की जाती हैं। इसमें अलग-अलग कैटेगरी होती हैं, जैसे अनट्रेंड, सेमी ट्रेंड, फुल ट्रेंड और बेबी सिटर।

– दिल्ली जैसे शहरों में मेड दिलाने के लिए एजेंसी 20 से 50 हजार रुपए तक कमीशन लेती हैं। ऐसे में जिस एजेंसी से आप सर्विस ले रहे हैं, वह रजिस्टर्ड है भी या नहीं, पहले यह चेक कर लें। रजिस्ट्रेशन नंबर एजेंसी के लेटरहेड पर भी लिखा होता है। रजिस्टर्ड एजेंसी के जरिए ही मेड लें। इससे आप बाद में कानून पचड़ों में नहीं फंसेंगे।

– एजेंसी की टर्म्स एंड कंडीशंस को खासतौ पर ध्यान दें। एजेंसी की जवाबदेही भी टर्म एंड कंडीशन में तय करें। एजेंसी के बारे में भी आप पुराने क्लाइंट्स से फीडबैक ले सकते हैं। एजेंसी से ही पुराने क्लाइंट्स का नंबर लिया जा सकता है। एजेंसी सही काम कर रही है तो नंबर देने से इंकार नहीं करेगी।

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