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आईएएस अधिकारियों के प्रेजेंटेशन देने पर विवाद खड़ा हो गया

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नावी तैयारियों को लेकर बुलाई गई भाजपा विधायकों और पदाधिकारियों की बैठक में आईएएस अधिकारियों के प्रेजेंटेशन देने पर विवाद खड़ा हो गया है। बुधवार को देर शाम सीएम हाउस में चली विधायक दल की बैठक में दो सीनियर आईएएस अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग की योजनाओं का प्रेजेंटेशन दिया था। इस पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई है।

सीएम को पत्र लिखकर आपत्ति जताई
– नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने इस मामले पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा है इस मामले पर हमने सीएम को पत्र लिखकर आपत्ति जताई है, साथ ही ये भी लिखा है कि यदि नियम में ये आता हो तो दोनो अफसरों को विधानसभा भेजने का निर्देश दें, ताकि वे कांग्रेस के विधायकों को भी ब्रीफ कर सकें।

जनहित के मुददों पर प्रेजेंटेशन देने को तैयार हैं अधिकारी
– विधायक दल की बैठक में दो प्रमुख सचिवों के प्रेजेंटेशन के सवाल पर राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता का कहना है कि कांग्रेस चाहे तो उनके विधायक दल की बैठक में भी अधिकारी प्रेजेंटेशन देने को तैयार हैं| जनहित के मुद्दों पर किसी को भी जानकारी देने को अधिकारी तैयार हैं।

विधायक दल की बैठक सीएम ने कहा प्रेजेंटेशन देने को
– दो सीनियर आईएएस अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग की योजनाओं का प्रेजेंटेशन दिया। विधायक दल की बैठक में संगठन महामंत्री रामलाल सहित मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह और संगठन महामंत्री मध्य प्रदेश सुहास भगत मौजूद थे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दो महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में विधायकों से लोगों को बताने के लिए कहा है।

इन दो योजनाओं के बारे में दी जानकारी
– श्रम विभाग की संबल योजना और बिजली विभाग की सरल योजना जिसके अंतर्गत गरीबों को 200 प्रतिमाह में बिजली दी जानी है। इन दोनों विभागों के प्रमुख सचिव बिजली विभाग के आईपीसी केसरी और श्रम विभाग के संजय दुबे ने अपने-अपने विभाग के इन दोनों योजनाओं का प्रेजेंटेशन विधायकों के सामने दिया।

उठे ये सवाल
– आईएएस अधिकारियों के प्रेजेंटेशन के बाद अब सवाल ब्यूरोक्रेट्स की प्रतिबद्धता पर उठ रहे हैं। उनकी सरकार के प्रति प्रतिबद्धता समझ आती है, लेकिन क्या बीजेपी संगठन के सामने उनकी हाजिरी उचित थी? अब इस पर बवाल मच गया है।

आपने मर्यादा को तार-तार किया
– नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर कहा, “आपने पिछले 15 सालों में विधानसभा के साथ साथ पूरे शासन प्रशासन की गरिमा एवं मर्यादा को तार तार कर दिया। शासन प्रशासन के राजनीतिकरण होने से इसका सीधा प्रभाव कामकाज पर पड़ा है। ”

इन आईएएस अधिकारियों को भेजिए

– अजय सिंह ने आगे लिखा है अगर आप अगर आप यह मानते हैं कि आपने जो कुछ किया वो पूरी तरह उचित है तो मेरा कहना है कि कांग्रेस विधायक 26 जून से विधानसभा में बैठक कर रहे हैं, कृपया संभव हो तो मुख्य सचिव बीपी सिंह, प्रमुख सचिव कृषि राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव श्रम संजय दुबे, प्रमुख सचिव सूचना प्रौद्योगिकी प्रमोद अग्रवाल, प्रमुख सचिव लोक निर्माण मोहम्मद सुलेमान, प्रमुख सचिव महिला बाल विकास जेएन कंसोर्टिया, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास इकबाल सिंह बैंस एवं प्रमुख सचिव गृह मलय श्रीवास्तव को भेजने का कष्ट करें। कांग्रेस विधायक दल अधिकारियों से अविश्वास प्रस्ताव में उठाए गए मुद्दों के बारे में चर्चा करेगी।
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